सीतापर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 15 में अशोक कुमार दुबे ने एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास व 54-54 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनीत कुमार शुक्ला द्वारा की गई।
शहर कोतवाली इलाके की आगा कॉलोनी में 22 नवंबर 2011 को पारस गुप्ता नाम के एक लड़के ने एक महिला मित्र को अपने कमरे पर बुलाया। करीब पांच मिनट बाद उसके दो दोस्त अशोक सिंह व उपेंद्र वर्मा भी वहां आ गए। उसके दोनों मित्रों ने असलहे दिखाकर लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने इस मामले की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया जहां पारस को किशोर अपराध पाते हुए उसका मामला किशोर न्यायालय में विचारण के लिए भेज दिया गया जबकि अशोक सिंह व उपेंद्र के खिलाफ आरोप विरचित कर न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्ष्य आमंत्रित किए गए।
विचारण के दौरान मुख्य परीक्षा में तो पीड़िता ने घटना का समर्थन किया लेकिन प्रति परीक्षा में वह अपने कथन से मुकर गई। इसके बावजूद न्यायाधीश ने पीड़िता के कलमबंद बयान मुख्य परीक्षा व अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को घटना का दोषी करार दिया। दोनों आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास व 54-54 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।