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रण में पतियों का इम्तिहान, पत्नियों ने भी लगाया जी जान

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सीतापुर। जिले में चुनावी शोर अब थम चुका है। महीनों तक सियासी समर में पसीना बहाने के बाद अब नेता जी की भागदौड़ कम हुई है। हालांकि, नतीजों को लेकर धड़कनें अब और बढ़ गई हैं, लेकिन इन सबके बीच चुनावी दंगल में इस बार जो तस्वीरें सामने आईं हैं, वह नारी सशक्तीकरण को भी बढ़ावा दे रहीं हैं। इस बात का संकेत भी दे रहीं हैं कि नारी अब घरों तक ही सीमित नहीं रहीं। चूल्हा-चौका छोड़कर पतियों की मदद करने के साथ ही चुनाव में भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी शिद्दत के साथ लगी रहीं।
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आठ फरवरी को चुनावी शंखनाद के बाद टिकट फाइनल होते ही नेताओं ने वोटरों को रिझाने और मनाने के लिए हर मुमकिन कोशिशें शुरू की। सुबह हो या शाम, दिन हो या रात चुनावी समर में कूदे प्रत्याशियों ने चैन की सांस नहीं ली। हर वक्त बस चुुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए जुटे रहे। पतियों की मेहनत देखकर घर में चूल्हा-चौका छोड़कर पत्नियां भी चुनावी मैदान में पति को विजय दिलाने के लिए कूद पड़ी। सुबह होते ही क्षेत्र में पति के समर्थन में वोट मांगने के लिए अन्य महिलाओं के साथ निकल पड़ती थीं।
दिनभर पूूरे इलाके को मथती रहीं या यूं कहें कि पतियों को चुनाव में जिताने के लिए पत्नियों ने भी जी जान लगा दिया। वोट डालने की अपील से लेकर सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहीं। पति को विजय दिलाने के लिए हर मुमकिन कोशिशें की। गली-गली जाकर महिला मतदाताओं से पति के पक्ष में मतदान करने के लिए ढेरों मिन्नतें की। अब पतियों के साथ पत्नियों की भी मेहनत ईवीएम में कैद हो चुकी हैं। इंतजार नतीजों का है।
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पति की जीत के लिए किया प्रचार
सेवता विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी व विधायक ज्ञान तिवारी की पत्नी अंजू तिवारी इस बार पूरे चुनाव में सक्रिय रहीं। वह पति की जीत के लिए सुबह से लेकर शाम तक क्षेत्र में लोगों के बीच बनी रहीं। महिला मतदाताओं के पास जाकर वोट की अपील करती रहीं। अंजू तिवारी का कहना है कि उन्होंने भी सहयोगी की भूमिका निभाई।
निभाया पत्नी धर्म
बिसवां विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के बागी हुए नेता सलिल सेठ की पत्नी गुंजन सेठ ने भी पूरी सहभागिता चुनाव में दिखाई। वह पति की जीत के लिए सुबह से महिलाओं के साथ घर से निकल पड़ती थीं। शाम तक क्षेत्र में ही लोगों के बीच रहती थीं। गुंजन सेठ का कहना है कि उन्होंने अपने पति के लिए ऐसा किया है। बोलीं, राजनीति से उनका कोई वास्ता नहीं है। गृहिणी हैं लेकिन पत्नी होने के नाते यह धर्म निभाया है। यही पत्नी का फर्ज भी है।
साकेत और अनूप की पत्नी भी रहीं सक्रिय
सदर विधानसभा क्षेत्र से निर्दल उम्मीदवार साकेत मिश्रा की पत्नी पूनम मिश्रा, महोली से सपा प्रत्याशी अनूप गुप्ता की पत्नी बबिता गुप्ता भी पूरे समय में चुनाव में क्षेत्र में सक्रिय रहीं। दोनों महिलाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर पतियों की मदद की है। साकेत मिश्रा की पत्नी को हर वक्त उनके साथ साए की तरह बनी रहीं। नामांकन करना हो, प्रेस वार्ता करना हो, हर कदम पर वे साथ रहीं। अनूप की पत्नी ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
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