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जाना था लखीमपुर, पहुंच गए पुलिस लाइन

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सीतापुर। लखीमुपर की घटना के बाद से विपक्षी पार्टियों का पीड़ित परिवारों से सहानुभूति जताने का सिलसिला जारी है। अब इसी कड़ी में शुक्रवार को पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च कर लखीमपुर के लिए निकले सपाइयों को पुलिस ने गेट के पास ही रोक लिया, इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने हंगामा काटा और प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं से झड़प भी हुई। इसके बाद पुलिस सपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक समेत अन्य कार्यकर्ताओं को लेकर पुलिस लाइन गई। बाद में वहां से सभी को छोड़ दिया गया।
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लखीमपुर की घटना में जान गंवाने वाले लोगों के पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव व पूर्व नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को पैदल मार्च करते हुए मौके पर जाना था। इसे लेकर कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर जुटे और पैदल मार्च करने की योजना बनाने लगे, इसी बीच पुलिस को भनक लग गई।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी पीयूष सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह समेत शहर के कई चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंच गए। बैरीकेडिंग कर दी। जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय से निकलकर गेट तक आए जहां पहले से मौजूद पुलिस ने सपाइयों को रोक लिया। इसे लेकर सपा कार्यकर्ता नाराज हो गए। सपाइयों ने पुलिस, प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 15 मिनट तक हंगामा व नारेेबाजी हुई। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
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इसके बाद पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव व पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल समेत 15 से 20 कार्यकर्ताओं को वहां से लेकर पुलिस लाइन गई जहां कुछ देर सभी को रोका गया। इसके बाद छोड़ दिया गया। करीब एक घंटे तक हंगामा, नारेबाजी होने से अफरातफरी का माहौल रहा।
हंगामा व प्रदर्शन के बाद सपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पूजा मिश्रा को सौंपा। ज्ञापन के जरिये मांग की गई है कि भाजपा सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री व उनके पुत्र को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। मंत्री को उनके पद से बर्खास्त किया जाए। लखीमपुर खीरी कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए।
मृत किसानों के परिवार और पत्रकार के परिवार को 2-2 करोड़ रुपयों की आर्थिक मदद, सरकारी नौकरी दी जाए। इस दौरान मसूद आलम अंसारी, जय सिंह यादव, महेंद्र सिंह यादव, शराफत अली, जैनेंद्र जायसवाल, रामखेलावन भार्गव, इकबाल हुसैन व संजय राठौर मौजूद रहे।
सपा की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में सपा जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक को गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई है जबकि शहर कोतवाल टीपी सिंह का कहना है कि किसी को कानूनी तौर पर गिरफ्तार नहीं किया गया है। पार्टी कार्यालय से पुलिस लाइन ले जाने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
हंगामा व प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल को चोट लग गई। उनके अंगूठे में चोट आई है। इसे लेकर उन्होंने पुलिस पर पिटाई से चोट आने का आरोप लगाया है। शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि आरोप निराधार है।
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