मछरेहटा (सीतापुर)। खैराबाद से मछरेहटा होते हुए कल्ली चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए लोक निर्माण व राजस्व विभाग ने पूर्व में निशान लगाए थे। निर्धारित स्थल खाली करने के लिए दुकानदारों व भवन स्वामियों को एक सप्ताह का नोटिस दिया गया है। ऐसे में लोग स्वयं अपने निर्माण पर हथौड़ा चलाने को मजबूर हैं।
मछरेहटा कस्बे में पूर्व में राजस्व व लोक निर्माण विभाग द्वारा चिन्हीकरण का कार्य किया गया था। कस्बे के अंदर 12 मीटर चौड़ी व कस्बे के बाहर 14 मीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा दुकानदारों व मकान मालिकों को नोटिस दिया गया है। इसके अनुसार, उन्हें एक सप्ताह में चिह्नित भूमि खाली करना है।
अन्यथा की स्थिति में विभाग द्वारा जेसीबी और बुलडोजर से मकान व दुकानों को तोड़कर खाली किया जाएगा। जिसका हर्जाना दुकान व मकान मालिक को देना होगा। इसका संज्ञान लेते हुए कस्बावासी अपनी दुकानों व मकानों को तोड़ने के लिए स्वयं ही जुट गए हैं।
कई के चेहरे खिले तो कुछ को थी हर्जाने की उम्मीद
सड़क चौड़ीकरण को लेकर लोगों में खुशी है। दूसरी तरफ कस्बा वासियों के चेहरों पर उदासी देखने को मिल रही है। कस्बा वासी राजकुमार कहते हैं कि आजादी से लेकर अब तक यहां पर जिले से कस्बे तक आने के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ता था। खाद की मोटर लाने के लिए मंहगा भाड़ा देना पड़ता था।
मार्ग चौड़ीकरण से भाड़ा भी कम होगा और समय की बचत होगी। व्यापारी पवन ने बताया, स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस आए दिन खराब होती थी। सड़क व उसकी पटरियों पर अतिक्रमण से जाम का सामना करना पड़ता था, जिससे अब निजात मिलेगी। व्यापारी राम चंद्र गुप्ता की तीन दुकानें चौड़ीकरण के चलते तोड़नी पड़ी हैं। उन्होंने कहा, यदि इसका हर्जाना मिलता तो हम व्यापारियों को सहूलियत मिल जाती। लेकिन चौड़ीकरण के चलते तीनों दुकान चली गई हैं।
चुनाव में सड़क चौड़ीकरण बना था मुद्दा
राष्ट्रीय राजमार्ग से लिंक खैराबाद से मछरेहटा होते हुए कल्ली तक 22 किलोमीटर डामर रोड की मांग बहुत समय से की जा रही थी। कई सरकारों के जाने के बाद यह मांग पूरी न होने पर क्षेत्र की जनता ने 2017 के विधानसभा चुनाव में मछरेहटा कस्बे में बैनर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था, ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ जिसका सामना भाजपा प्रत्याशी रामकृष्ण भार्गव ने करते हुए सड़क चौड़ी कराने का वादा किया था। इसे उन्होंने निभाया।