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100 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

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सीतापुर में बिसवां तहसील क्षेत्र के दुर्गापुरवा में कटान करती नदी। -संवाद - फोटो : SITAPUR
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रेउसा/सीतापुर। उत्तराखंड व नेपाल में हो रही लगातार बारिश अब जिलेवासियों के लिए आफत बन गई है। मंगलवार को बैराजों से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी शारदा व सरयू नदी में छोड़ा गया। यह पानी देर रात तक जिले में पहुंचा जाएगा। इससे तीन तहसीलों के करीब 100 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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इतना अधिक पानी छोड़े जाने के कारण जिलाधिकारी ने रेड अलर्ट जारी किया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। दुर्गापुरवा व श्रीरामपुरवा के करीब 20 परिवार घर तोड़कर पलायन कर गए है।
जिले के तराई इलाके में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा था। इससे लोगों को राहत मिलने लगी थी। नदियां अपनी सीमाओं में पहुंच रही थी। बालू की टीले दिखाई देने लगे थे। पिछले दो दिन से हो रही बारिश ने बाढ़ पीड़ितों के सामने एक बार फिर से मुसीबत पैदा कर दी है। सोमवार को बैराजों से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जिले में देर रात तक आ जाएगा।
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जिले में लहरपुर, बिसवां व महमूदाबाद तहसील बाढ़ग्रस्त है। इन क्षेत्रों के करीब 100 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को एसडीएम व नहर विभाग के अधिशासी अभियंता प्रभावित गांव पहुंचे।
तराई इलाके के गांवों को खाली कराया जा रहा है। रेउसा इलाके के म्योढ़ी छोलहा व गोलोक कोडर के 33 मजरों को एसडीएम बिसवां अनुपम मिश्रा ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। इस पर ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है।
बिसवां तहसील के दुर्गापुरवा, परमेश्वरपुरवा, दर्जिनरेती, मरेली, जिन्नापुरवा, लोधनपुरवा आदि गांवों के करीब 20 परिवारों ने अपना आशियाना तोड़कर पलायन कर दिया है। सबसे अधिक खतरा दुर्गापुरवा पर मंडरा रहा है। इस गांव में करीब तीन माह पहले 200 मकान थे। यह सब कटान में समा गए है। अब महज 20 घर बचे है।
नदी भी गांव से कुछ ही दूरी पर हिलोरे मारने लगी है। इस पर यहां के लोग तेजी से पलायन कर रहे है। एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि ग्राम प्रधान ने समितियों को अलर्ट कर दिया है। तहसीलदार व नायब तहसीलदार को रात में गांवों में ही ठहरने के निर्देश दिए गए है। बराबर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। महमूदाबाद व लहरपुर तहसील में एसडीएम ने गांवों में पहुंचकर लोगों को घर छोड़ने की अपील की।
लोगों को किया गया सतर्क
लहरपुर/सीतापुर। लहरपुर तहसील के कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार सिंह ने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम मुशियाना, पट्टी दहेली, सोनसरी, रतौली आदि गांवों का भ्रमण किया गया। बाढ़ के प्रति ग्रामीणों से सतर्क रहने की बात कही। कोतवाली प्रभारी द्वारा ग्रामीणों को बताया कि बाढ़ का पानी क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
5.43 लाख क्यूसेक पानी बैराजों से छोड़ा गया है। रतौली, हरकीबेहड़ सहित कई गांवों का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया गया है। कई टीमें लगाई गई है। देर रात तक जिले में पानी पहुंच जाएगा।
- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे ग्रामीण
बैराजों से छोड़े गए पानी को लेकर सभी अफसरों को सतर्क कर दिया गया है। एसडीएम, सीओ व अधिशासी अभियंता को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए है। ग्रामीणों को पानी की आशंका को लेकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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- विशाल भारद्वाज, जिलाधिकारी
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