रेउसा (सीतापुर)। घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से गांजर के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। मेवड़ी छोलहा के करीब खेतों में पानी भर गया है। जटपुरवा भी पानी से घिर गया है। ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
गुरुवार को बिसवां तहसीलदार ने तटीय क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। मेवड़ी छोलहा के पास क्षतिग्रस्त बांध की जल्द मरम्मत की बात कही है। जिले के गांजर इलाके में होकर बहने वाली घाघरा और शारदा नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। जलस्तर बढ़ने से पानी तटीय क्षेत्र के करीब के गांव वालों को डराने लगता है।
नदियों का पानी घटने पर लोगों को राहत मिलती है। पिछले तीन दिनों से जलस्तर में इजाफे के कारण जटपुरवा, मेवड़ी छोलहा, कोनी, परमेश्वर पुरवा, विल्लर पुरवा, फौजदार पुरवा, दुर्गापुरवा, रामलाल पुरवा आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था।
मेवड़ी छोलहा के पास बुधवार को नदी के तेज बहाव से बांध का कुछ हिस्सा कट गया था, जिससे पानी खेतों में भर गया है। जटपुरवा गांव भी पानी से घिर गया है। गुरुवार को बैराजों से कम पानी छोड़े जाने पर जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
तटीय क्षेत्र के कई गांवों का भ्रमण कर हालातों का जायजा लिया है। गुरुवार को तीनों बैराजों से महज 84 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। क्षतिग्रस्त बांध का निरीक्षण कर दुरुस्त करने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए हैं। बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं।
- राजकुमार गुप्ता, बिसवां तहसीलदार