बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण शारदा व घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। दोनों नदियां तंबौर से लेकर रामपुर मथुरा क्षेत्र तक करीब 50 गांवों में कटान कर रही हैं।
नदियों का तेजी से बढ़ता जलस्तर देख, तटीय क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीणों में बाढ़ का खौफ है। इस वजह से दर्जनों ग्रामीण अपने घरों का सामान समेट कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
हालांकि प्रशासन ने अभी बाढ़ जैसी संभावना से इंकार किया है। बावजूद इसके ग्रामीणों में खौफ नजर आ रहा है। इसकी एक वजह और भी है कि नदियां तेजी से आबादी व खेती की जमीन निगलती जा रही हैं।
शारदा नदी तंबौर क्षेत्र के बोधवा, बरछता, असईपुर, मल्लापुर, काशीपुर, बढहिनडीह में कटान कर रही है। बोधवा में नदी का कटान बहुत तेज है, गांव के जगदीश, भागीरथ, सुंदर व रामखेलावन आदि ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात से नदी ने कटान तेज किया है।
जिस रफ्तार से नदी गांव की जमीन को निगल रही है, उस हिसाब से जल्द ही गांव के घर कटकर नदी में समाने लगेंगे। हालांकि तटीय क्षेत्र के ग्रामीणों ने घर खाली कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन शुरू कर दिया है।
रेउसा क्षेत्र में घाघरा नदी बहुत तेजी से कटान कर रही है। घाघरा नदी निर्मलपुरवा, गड़रियन पुरवा, जैतहिया, ठेकदार पुरवा, सिसैया, दरियाना आदि गांवों में कटान कर रही है।
यहां भी ग्रामीणों ने घरेलू सामान समेटकर पलायन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अभी कोई मदद नजर नहीं आ रही है। हालात यही रहे तो कुछ ही समय में गांव के गांव शारदा नदी की भेंट चढ़ जाएंगे।
रामपुर मथुरा क्षेत्र के ग्राम फतुल्लापुर में घाघरा नदी कटान कर रही है। अब तक गांव के कल्लू, तिलक, त्रिभुवन व मायाराम के घर कटकर नदी में समा गए हैं। घरों को नदी में गिरता देख ग्रामीणों ने सुरक्षित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है।
कुल मिलाकर लहरपुर से लेकर, बिसवां व महमूदाबाद क्षेत्र के करीब 50 गांवों में बाढ़ व कटान की दहशत देखने को मिल रही है। बढ़ते जलस्तर को देख ग्रामीण बाढ़ की संभावना को लेकर सशंकित हैं। जबकि प्रशासन बाढ़ जैसी कोई भी चेतावनी जारी नहीं कर रहा है।