मनरेगा के तहत जॉबकार्ड धारकों का 479.02 लाख रुपये मजदूरी बकाया है। जिसके भुगतान को लेकर ब्लॉकों में तैनात एपीओ व एनआरईपी गंभीर नहीं है। समीक्षा में पाया गया कि इनकी लापरवाही से ही भुगतान अटका है। इस पर सीडीओ एसके सिंह ने नाराजगी जताते हुए सभी एपीओ व एनआरईपी का वेतन रोक दिया है।
मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्य की मजदूरी का भुगतान 15 दिन के अंदर किए जाने का प्रावधान है, लेकिन यहां सभी 19 ब्लॉकों में एक अप्रैल से मजदूरों का भुगतान ही नहीं किया गया है। भुगतान न मिलने से मजदूरों में नाराजगी है। बजट उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान न करने को सीडीओ ने गंभीरता से लिया है। इसे लापरवाही मानकर कार्रवाई की गई है।