खैराबाद (सीतापुर)। श्रीराम मंदिर की भूमि पर उठे विवाद पर मुस्लिम धर्म गुरुओं को समझाने की कोशिश की। श्रीराम हिंदुओं के इष्ट देवता हैं। पूरी दुनिया के आस्था के केंद्र हैं। खुशी से उन्हें सौंप दे। हम सभी का सम्मान पूरी दुनिया करेगी। कोर्ट में जाओगे तो क्या मिलेगा। लड़ाई में नुकसान होगा। इतना समझाने पर भी धर्मगुरुओं ने कहा कि आज यह देंगे तो कल कुछ और मांगने लगेंगे। यह कहना है मुस्लिम धर्म छोड़कर हिन्दू धर्म अपनाने वाले वसीम रिजवी से बने जितेंद्र नारायण त्यागी का।
बुधवार को वह खैराबाद के भुईयांताली तीर्थ पर आयोजित संत समाज कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा कि महादेव सभी देवों के देव हैं। उन्हीं से सब डरते हैं। इसलिए हम महादेव के नाम से हर-हर महादेव से कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं। असुरों के संघार में महादेव की हमेशा अनुकंपा बनी रहे। इसलिए हम महादेव को देवों को देव मानते हैं।
उन्होंने कहा, सनातन धर्म इस पूरी दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है। यह मोहब्बत और इंसानियत का दूसरा नाम है। छह दिसंबर को डासना के मंदिर में सनातन धर्म अपनाने पर ज्ञात हुआ कि सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उन्होंने कहा, हमें कुरान हदीस से विरोध नहीं पर जो कुरान हदीस की आड़ में आर्मी इस्लाम के नाम पर नफरत फैला रहे हैं, पूरे विश्व के लिए खतरा बन बैठे हैं। हमें उन लोगों का विरोध करना है।
हिंदू संत समाज ने पगड़ी लगाकर जितेंद्र नरायण त्यागी का माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक कमाल सरांय उदासीन आश्रम के प्रबंधक बजरंग मुनि रहे। इस दौरान संतोष दास, रघुवर दास, भरत दास, विजय दास, मोहनदास, भोला दास, एसओ अरविंद सिंह, अतुल मिश्रा उर्फ लकी, रमेश मिश्रा मौजूद रहे।
सनातन हिंदू धर्म से किया जाए अंतिम संस्कार
कार्यक्रम के आखिर में उपस्थित महिलाओं ने जितेंद्र त्यागी के सिर पर हाथ फेरकर उन्हें भारत माता का सच्चा सपूत बताया। स्वस्थ रहने का आशीर्वाद दिया। जितेंद्र त्यागी ने कहा कि उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा व्यक्त कर दी है कि उनका अंतिम संस्कार सनातन हिंदू धर्म से किया जाए।
कब्र नहीं दोगे तो हम चिता बनाएंगे
मुस्लिम धर्म के ठेकेदारों ने हमें कब्र न देने की धमकी दी थी तो हमने चिता बना ली है। इस्लाम के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रही कुछ शक्तियां पूरे मुल्क में दहशत फैला रही हैं। आने वाले 2022 के चुनाव में एक तरफ मिलकर सभी शक्तियों का प्रदर्शन हो रहा हैं तो दूसरी तरफ सभी धर्मों के उत्थान के लिए राष्ट्र के हितों के लिए एक पार्टी काम कर रही हैं। आप लोगों को अब चुनना हैं देश और प्रदेश की बागडोर किसके हाथों में सुरक्षित रहेगी।