सीतापुर। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन की दशा और दिशा अब बदलती नजर आ रही है। जी हां, यह हम नहीं सोमवार को आरएमपी ग्राउंड पर हुई महापंचायत में आंदोलन के मुखिया राकेश टिकैत के भाषणों से इस तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं। आंदोलन का स्वरूप बदलता दिख रहा है। वजह, किसानों की बात करने वाले राकेश टिकैत सोमवार को महापंचायत में हर वर्ग को साधने की कोशिश करते दिखे।
राज्य स्तर के मुद्दों में मिशन यूपी को सबसे ऊपर रखा गया है, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा सरकार के विरोध में हर गांव तक जाएगा और व्यापक अभियान चलाएगा। इसकी अपील खुद राकेश टिकैत ने खुले मंच से संगठनों से की है। सार्वजनिक मंच से राकेश टिकैत किसानों की बात करते-करते नौजवानों, युवाओं, महिलाओं, पुलिस, आर्मी, मनरेगा मजदूरों पर भी आ गए।
दरअसल, वह किसान आंदोलन को और धार देने पर जोर रहे थे। सोशल मीडिया की बात करते-करते बोले कि मिलिट्री और पुलिस वालों की तनख्वाहें कम हैं। 24 घंटे की नौकरी और तनख्वाह आधी है। उन्होंने कहा कि वे उनकी भी लड़ाई लड़ेंगे। कहा, जब म्हारी बात हो जाएगी, तब उनकी भी लड़ाई लड़ेंगे। धन्यवाद...। जय हिंद, जय भारत कहते हुए वाणी को विराम दिया।
निशाने पर रही भाजपा
संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में राकेश टिकैत के निशाने पर भाजपा ही रही। सिर्फ राकेश ही नहीं मंच पर मौजूद जितने भी किसान नेताओं ने माइक संभाला वह मोदी-योगी पर खूब बरसे। पूरे समय सरकार की आलोचना करते रहे। राकेश टिकैत ने बिना नाम लिए विपक्ष को भी घसीटा। कहा कि, दिल्ली में आंदोलन की शुरुआती समय में विपक्ष ने समर्थन देने की बात तो कही, लेकिन आंदोलनकारियों के रुकने के लिए एक तिरपाल तक नहीं दिया।
पूर्व सपा विधायक आए नजर
महापंचायत में महोली से पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता कुछ समर्थकों के साथ ग्राउंड पर घूमते नजर आए। उन्हें यहां देखकर लोग तरह-तरह के कयास भी लगा रहे थे। इसके अलावा कई राजनीतिक दल भी दूर से इस महापंचायत पर नजरें गड़ाए रहे, लेकिन कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।