सीतापुर। जिला अस्पताल की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। सोमवार को करीब डेढ़ घंटे बिजली गुल रही। इससे भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल रहे। बिजली न होने सेे अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे व सीटी स्कैन की जांच ठप हो गई। इन केंद्रों के बाहर मरीजों की कतार लग गई। कई मरीजों ने अस्पताल के बाहर निजी पैथालॉजी से जांच कराकर इलाज शुरू कराया।
जिला अस्पताल की एक माह में पांचवीं बार लंबे समय तक बिजली गुल हुई है। इससे मरीज, चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ी। जिला अस्पताल में सुबह के समय ओपीडी सेवा शुरू हो गई थी। करीब 10.45 मिनट पर अचानक बिजली गुल हो गई। उस समय ओपीडी में चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। इससे लोग परेशान होने लगे।
चिकित्सक गर्मी में भी मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों का इलाज करते रहे। सबसे अधिक दिक्कत मेडिकल वार्ड, महिला वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती मरीजों को उठानी पड़ी। मरीजों के परिजन किसी तरह उनको हवा देने का प्रयास करते रहे। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन कागज की दफ्ती से ही हवा दे रहे थे।
मेडिकल वार्ड में चिकित्सक डॉ. डी लाल टार्च की रोशनी में ही राउंड कर रहे थे। इससे अस्पताल में काफी अफरातफरी मची रही। इसके कारण लोगों की जांचें भी नहीं हो पाई। शाहिद की काफी तबियत खराब थी। वह एक्स-रे के इंतजार में बाहर बैठे रहे। शाहिद ने बताया कि सुबह से आया हूं, अब नंबर आने वाला था तो बत्ती गुल हो गई है।
इसी तरह परसादी एक्स-रे कक्ष के अंदर जाने के बाद जैसे ही स्ट्रेचर पर लेटे तो बत्ती चली गई। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर भी मरीजों की काफी लंबी लाइनें दिखाई दी। 11.15 मिनट पर बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। उसके कुछ देर बाद फिर 1.45 मिनट पर बत्ती गुल हो गई। 2.15 मिनट पर लाइट आई। इसी तरह कई बार आंख मिचौली का खेल चलता रहा। ऐसे में कई मरीजों गंभीर होने पर बिना जांच कराए ही वापस लौट गए।
कोविड प्रोटोकॉल की उड़ीं धज्जियां
संक्रामक रोगों का कहर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इसी वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ उमड़ रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि इस समय ओपीडी में बुखार, पेट दर्द, जुकाम व खांसी के अधिक मरीज आ रहे हैं। सोमवार को अस्पताल के दवा काउंटर से लेकर पर्चा काउंटर तक भीड़ ही भीड़ दिखाई दी।
महिला व पुरुषों के अलग-अलग काउंटर होने के बावजूद यहां पर लंबी-लंबी लाइनें लग रही। इसी भीड़ में एक महिला को चक्कर आ गया। वह वहीं पर बेहोश होकर गिर गई। ऐसे में जब चिकित्सक कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जता रहे है तो अस्पताल में भीड़ बढ़ती ही जा रही है। सोमवार को प्रोटोकॉल की हर तरफ धज्जियां उड़ती हुई दिखाई दी।
अब पाइप लाइन से होगी ऑक्सीजन की सप्लाई
जिला अस्पताल के मरीजों को अब ऑक्सीजन की सप्लाई सिलेंडर के बजाए पाइप लाइन से दी जाएगी। सोमवार को 26.21 लाख की लागत से अस्पताल में बिछाई गई पाइप लाइन का लहरपुर विधायक सुनील वर्मा ने उद्घाटन किया। सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि यह पाइन लाइन अस्पताल के वार्डों में बिछाई जा चुकी है। अब आसानी से सप्लाई हो सकेगी। अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट भी पूरी तरह से तैयार है। इसी के जरिए सप्लाई की जाएगी।
सीटी स्कैन में हो रही मनमानी
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराने में मनमानी हो रही है। जब भी बिजली गुल हो जाती है तो यहां पर जांच बंद कर दी जाती है। जबकि सीटी स्कैन के लिए अलग से जनरेटर लगा हुआ है। लेकिन मरीजों को बिजली जाने पर घंटों इंतजार कराया जा रहा है। सूत्रों का कहना है डीजल के नाम पर खेल किया जा रहा है। कागजों पर जनरेटर चलवा दिया जाता है। इससे मरीजों को सीटी स्कैन कराने में पसीने छूट रहे है।
अस्पताल को 24 घंटे सप्लाई देने वाली लाइन में फॉल्ट आ गई थी। इसी वजह से दिक्कत हुई थी। जनरेटर की व्यवस्था है व शहर की लाइन भी बिछाई जा चुकी है। अगर मुख्य लाइन में दिक्कत आती है तो शहर की लाइन से जोड़कर सप्लाई शुरू करा दी जाती है।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल