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नैमिष में अक्षय तृतीया पर उमड़े श्रद्धालु

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नैमिषारण्य (सीतापुर)। नैमिषारण्य तीर्थ में अक्षय तृतीया पर पूरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की ओर से पूजन-अर्चन का सिलसिला जारी रहा। नैमिषारण्य स्थित चक्र तीर्थ के साथ गोमती नदी के घाटों पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू कर दिया था। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने परंपरा का निर्वहन करते हुए गोमती नदी का पूजन कर दीप भी प्रवाहित किए।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया पूजन, सत्यनारायण व्रत कथा, श्री विष्णु सहस्त्रनाम पाठ आदि धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। भक्ति के इस अटूट क्रम में श्रद्धालुओं ने मां तुलसी और गाय की भी विधि-विधान सहित पूजा अर्चना की। इसके बाद भक्तों का तीर्थ के प्रमुख मंदिरों मां ललिता देवी, सूतगद्दी, व्यासगद्दी, हनुमान गढ़ी, देवदेवेश्वर, कालीपीठ आदि में देर शाम तक दर्शन पूजन का दौर चलता रहा। हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है।
इस दिन को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अबूझ तिथि है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य (अक्षय तृतीया की विशेष बातें) करने के लिए आपको मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती।
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भंडारे के बाद साधु-संतों को दी दक्षिणा
अक्षय तृतीया पर तीर्थ स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में आश्रम महंत रामभजन दास जी ‘दरोगा बाबा’ के सानिध्य में देवी अन्नपूर्णा, लक्ष्मीनारायण, राम दरबार का वेदोक्त मंत्रोच्चार के मध्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ। इस मौके पर आश्रम के सतींद्र अवस्थी के निर्देशन में आश्रम परंपरा के अनुसार प्रति वर्ष की तरह भंडारे का आयोजन किया गया गया, जिसमें पूरे दिन बड़ी संख्या में साधु-संतों, श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद साधु-संतों को दक्षिणा भी वितरित की गई।
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