सीतापुर। जिले के तमाम पीड़ित अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अफसरों की चौखट पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और समाधान के लिए संपूर्ण समाधान, थाना समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सरकार कराती है, लेकिन पीड़ितों की जुबानी, उनकी कहानी यही बता रही है कि उन्हें इससे लाभ नहीं मिल पा रहा है।
थाना, कोतवाली, तहसील, ब्लॉक से न्याय नहीं मिलने पर पीड़ितों की सुनवाई के लिए होने वाले इन कार्यक्रमों से भी उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो रही है। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्या की कहानी अमर उजाला से साझा की। बताया कि किस तरह से एक ही समस्या के लिए कई बार दौड़ लगानी पड़ती है, फिर भी न्याय नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में फरियादियों का कहना है कि उन्हें न्याय की जगह मायूसी ही हाथ लग रही है।
अवैध कब्जेदारों पर नहीं हो रही कार्रवाई
लहरपुर तहसील के नबीनगर निवासी मुन्नी देवी को पट्टे पर मिली जमीन भूमिधरी में दर्ज है। अवैध कब्जेदारों से बचाने के लिए भटक रही हैं। उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। कई बार शिकायत की जा चुकी है। विरोधी हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
कई बार दी अर्जी, नहीं हुई कार्रवाई
तहसील महमूदाबाद में शिकायत लेकर आए अजय कुमार निवासी सेलुहामऊ ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज सुरक्षित भूमि खलिहान पर गांव के ही मो. इसरार द्वारा अवैध निर्माण कर आवास बनाया जा रहा है। जिसको रुकवाने के लिए कई बार तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायत की पर नहीं हुई सुनवाई
महोली तहसील के सलाहपुर निवासी राम बक्श सिंह ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उनके मकान के सामने खाली पड़ी सहन की जमीन पर पिछले तीन वर्षों से गांव के ही लोग ट्रैक्टर खड़ा कर रहे हैं। मना करने पर गाली गलौज करते हैं। इससे पूर्व दो बार तहसील समाधान दिवस, चार बार कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायती पत्र दे चुके हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
नहीं हो रही कार्रवाई
तहसील सदर में समस्या की अर्जी लेकर आए सिपाह निवासी महेंद्र कुमार ने पूर्व में दी गई शिकायतों की रसीद दिखाते हुए बताया कि उनके आम के बाग के बगल में चक मार्ग पर अवैध कब्जा है। अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे बाग का रास्ता बंद है। वहां तक ट्रैक्टर नहीं पहुंचता है।