सीतापुर। जिला प्रशासन के खेल भी निराले हैं। पहले दौर के पंचायत चुनाव में रि-पोल की सूचना आयोग को फौरन देनी चाहिए थी लेकिन यहां के प्रशासन ने पहले चरण के रि-पोल की सूचना दूसरे चरण का मतदान निपटाने के बाद दी।
इस लापरवाही पर राज्य निर्वाचन आयोग ने नाराजगी जताई है। इसके जरिए आयोग ने जिलाधिकारी से संबंधित पर कार्रवाई करने को कहा है।
पहले चरण यानी नौ अक्तूबर को सीतापुर जनपद के पांच ब्लॉक में मतदान कराया गया था। इनमें गोंदलामऊ ब्लॉक भी शामिल था। यहां के प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर के बूथ संख्या दो पर बीडीसी वार्ड 69 व 71 पर गलत मतपत्र जारी कर दिए गए थे।
ग्रामीण जितेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन से शिकायत की पर उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाए मतदान जारी रहा। इस पर शिकायतकर्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। आयोग ने जिला प्रशासन को जांच के आदेश दिए थे।
सेक्टर मजिस्ट्रेट के स्तर पर की गई जांच में शिकायत सही मिली। ऐसे हालातों में जिला प्रशासन को गोंदलामऊ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर में रि-पोल की सूचना तत्काल आयोग को देनी चाहिए थी।
मगर उसने इसकी जानकारी देने के बजाए उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया, हालांकि बाद में जिला प्रशासन ने यहां पर रि-पोल की सूचना आयोग को दूसरे चरण का मतदान निपटाने के बाद में दी।
साथ ही उसने आयोग से प्रावि नरायनपुर मतदेय स्थल पर पुनर्मतदान की सिफारिश कर पत्र भेजा। जबकि प्रदेश के जिलों में 9 अक्तूबर को स्थगित व निरस्त मतदान का रि-पोल 13 अक्तूबर को कराया जा चुका है।
पहले चरण के रि-पोल की सूचना विलंब से भेजने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने नाराजगी जताई। साथ ही उसने जिलाधिकारी से पत्र के जरिए तीन बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। इस कार्य में लापरवाही बतरने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।