सीतापुर। चिलचिलाती धूप बच्चों की सेहत बिगाड़ रही है। इस समय अधिकतर बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इसकी वजह से जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल होने के करीब पहुंच गया है। वार्ड में महज चार बेड ही बचे हैं। 22 बच्चे डायरिया से संक्रमित हैं। इनका इलाज चल रहा है।
गर्मी का सितम बढ़ता जा रहा है। रोजाना 40 व 41 डिग्री के बीच पारा पहुंच रहा है। गर्मी वैसे तो सभी को परेशान कर रही है लेकिन इसका खास असर बच्चों पर दिखाई दे रहा है। इस समय जिला अस्पताल आने वाले अधिकतर बच्चे डायरिया से संक्रमित हैं। इसके पीछे चिकित्सक मौसम में परिवर्तन बता रहे हैं।
किसी को उल्टी दस्त तो किसी को बुखार की शिकायत हो रही है। कोई दो दिन से परेशान है तो कोई तीन से पांच दिन से बीमारी से जूझ रहा है। डायरिया के चलते बच्चों की सेहत भी कमजोर हो रही है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड की क्षमता 26 बेड की है। इस समय यहां पर 22 बच्चे भर्ती हैं। अब यहां पर केवल चार बेड ही खाली बचे है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर ऐसा ही मौसम बना रहा तो आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम बदलने से बच्चों में डायरिया का खतरा उत्पन्न हो रहा है तो वहीं कोविड के भी खतरे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इससे बचाव के लिए 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों का टीका आ गया है। लेकिन अभिभावक इसको लगवाने में लापरवाही बरत रहे है। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला का कहना है कि अभिभावक अपने बच्चों को कोविड का टीका अवश्य लगवाएं। टीके को लगवाने में लापरवाही न बरतें। सभी सीएचसी पर यह टीका उपलब्ध है।
बीमारी से बचने के लिए रखें ख्याल
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह का कहना है कि इस समय मौसम काफी गर्म हो रहा है। इसलिए बच्चों को धूप में निकलने से बचाएं। अगर किसी कारणवश उनको बाहर निकलने की जरूरत पड़ती है तो धूप से बचने के लिए टोपी लगा दें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। बाहर से आने पर तुरंत ठंडा पानी न पिएं। कोल्डड्रिंक के सेवन से बच्चों को बचाएं। फलों को खिलाएं। सादा पानी व ताजा भोजन ही बच्चों को दें। पानी खूब पिलाएं।
बाहर से आने के बाद न पिएं ठंडा पानी
डॉ. एके सिंह का कहना है कि अगर बच्चा धूप से आ रहा है तो उसे तत्काल कूलर व एसी की हवा न दें। बच्चे को कुछ देर तक पंखे की हवा में आराम करने दें। जब उसके शरीर का तापमान सामान्य हो जाए तभी उसको ठंडी हवा का आनंद लेने दें। धूप से आने पर तत्काल ठंडा पानी व ठंडी हवा लेने से डायरिया, बुखार व अन्य बीमारियां होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। इसलिए बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
जिला अस्पताल में बच्चों की संख्या बढ़ रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती है। बच्चों का अस्पताल में उचित इलाज किया जा रहा है।
- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल