सीतापुर। शहर के बस स्टॉप पर आए दिन बसों का संकट मुसाफिरों को रुला रहा है। बसों की किल्लत से बस स्टॉप पर एक-एक घंटा यात्री इंतजार करने को मजबूर हैं। इतना वक्त गुजारने के बाद भी बसें नहीं मिल रही है। बसों के संकट की समस्या कम नहीं हो रही है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होने का दावा करते नहीं थक रहे हैं। सोमवार को एक बार फिर मुसाफिर बसों के लिए परेशान रहे। जानकारी करने पर पूछताछ केंद्र से जवाब मिलता रहा, बसें रास्ते में हैं, आती होंगी, इंतजार कर लीजिए।
सोमवार दोपहर के ढाई बज रहे थे। इस बीच अमर उजाला की टीम बस स्टॉप पर पहुंची। यात्रियों की काफी भीड़ थी। यात्री दीपक को बहराइच, राकेश को मैगलगंज, संतोष को दिल्ली, रमेश को हरदोई जाना था। इसी तरह से काफी संख्या में महिला, पुरुष, युवतियां बस स्टॉप परिसर में भटक रही थी। सभी को बस अपने गंतव्य तक पहुंचना था, लेकिन उनकी रूट की बसें नहीं आ रही थी। वह काफी देर तक इंतजार करते रहे। इसके बाद पूछताछ केंद्र पर पहुंचे, जहां पर संबंधित रूट की बसों के बारे में जानकारी की तो कर्मचारी ने कहा कि बसें रास्ते में हैं, आ रहीं हैं...। थोड़ा समय लगेगा। इंतजार कर लीजिए।
इस तरह से काफी देर तक यात्री बस स्टॉप पर बसों के लिए परेशान रहे। पूछताछ केंद्र पर जानकारी करते रहे, लेकिन सही और सटीक जानकारी नहीं मिल रही थी, इससे यात्रियों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही थी। कुछ देर बाद एक, दो बसें आईं भी तो देखते ही देखते उन पर यात्री टूट पड़े। बस खड़ी हुई नहीं कि भर गई। ऐसे में बहुत से यात्रियों को बस में जगह नहीं मिली, इससे वह काफी परेशान नजर आए। उधर, यात्रियों को ही दिक्कतों को लेकर डिपो के जिम्मेदारों को कोई जानकारी नहीं है। वह सब कुछ ठीक होने की बात कह रहे हैं।
इन रूटों की बसों की रही किल्लत
बस स्टॉप पर सोमवार को दिल्ली, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई, गाजियाबाद, पिहानी, बहराइच, गोंडा समेत कई अन्य रूटों पर चलने वाली बसों की किल्लत रही। लेकिन इसके बाद भी एआरएम दावा कर रहे हैं कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है। बसें पर्याप्त हैं। ऐसे में व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है।
गंदगी का लगा अंबार
बस स्टॉप सुविधाएं कम, अव्यवस्थाएं ज्यादा हैं। बसों के लिए परेशान मुसाफिरों को गंदगी के बीच रुकना पड़ रहा है। यहां पर पास में ही कूड़े का ढेर लगा था। परिसर में पानी बह रहा था। कूड़े से दुर्गंध उठ रही थी। ऐसे में यात्री काफी परेशान दिखे।
अभी और गहराएगा बसों का संकट
बसों की किल्लत से जूझ रहे यात्रियों को आने वाले दिनों में और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वजह, 15 दिसंबर को लखनऊ में प्रधानों का सम्मेलन है। ऐसे में प्रधानों के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। एआरएम राकेश कुमार बताते हैं कि निगम की 57 बसों को इस कार्यक्रम में लगाया गया है। एक ब्लॉक में तीन बसें मांगी गई हैं। जिले में 19 ब्लॉक हैं।
ऐसे में 57 बसें मांगी गई हैं। बताया कि मंगलवार की दोपहर से 57 बसों को संबंधित ब्लॉकों में भेज दिया जाएगा। रात में बसें वहीं रुकेंगी। 15 की सुबह प्रधानों को लेकर लखनऊ रवाना होंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि मंगलवार दोपहर से बसों की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। बुधवार की देर रात समस्याएं बनी रहेगी।
बसों की कोई दिक्कत नहीं है। ठंड में यात्री कम हो रहे हैं। 15 नवंबर को 57 बसें प्रधानों के सम्मेलन में लखनऊ जाएंगी। प्रयास किया जाएगा कि यात्रियों को असुविधा न हो।
- राकेश कुमार, एआरएम