सीतापुर। कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र लेने के लिए मंगलवार को तीन बजे से विभाग की साइट पर ऑनलाइन बुकिंग करानी थी। साइट न खुलने से अनुदान पर कृषि यंत्रों की बुकिंग न हो पाने से बुधवार को किसान दिन भर परेशान रहे। वह निर्धारित समय के बाद से दिन भर बुकिंग के लिए साइट खोलने की कोशिश में जुटे रहे लेकिन विभागीय साइट न खुल पाने से खरीद के यंत्रों की बुकिंग नहीं हो पायी।
कृषि विभाग ने किसानों की सुविधा एवं उनकी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से 40 व 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्रों को उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर बुकिंग के लिए 23 अगस्त को तीन बजे से समय निर्धारित किया था। इस दिन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु के कारण राजकीय अवकाश घोषित किया गया था।
इसलिए कृषि यंत्रों की बुकिंग के लिए 24 अगस्त दोपहर तीन बजे का समय तय किया गया। जब निर्धारित समय पर किसान बुकिंग के लिए साइट खोलने के लिए प्रयास शुरू किया तो साइट खुली ही नहीं। देर शाम तक किसान बुकिंग के लिए प्रयासरत रहे लेकिन साइट न खुलने से मायूसी ही हाथ लगी।
मिश्रिख क्षेत्र के किसान सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कृषि यंत्र बुकिंग के लिए उप कृषि निदेशक के दफ्तर जाकर वहां कार्यरत जेई अनिल यादव से जानकारी प्राप्त करने के बाद भी कृषि यंत्रों की बुकिंग नहीं हो सकी। दोपहर 12 बजे तक साइट खुल रही थी। एक बजे से शाम सात बजे तक प्रयास करने के बावजूद बुकिंग नहीं हो सकी।
भारतीय मजदूर किसान संगठन के जिलाध्यक्ष धीरज सिंह ने बताया कृषि यंत्रों की बुकिंग न होने पर उप कृषि निदेशक सहित कृषि विभाग के निदेशक से बात की गई तो बताया गया कि जिस साइट पर बुकिंग कराने को बताया गया वह साइट किसानों को पता ही नहीं थी। आरोप लगाया कि विभाग की इस मनमानी कार्यशैली व सांठगांठ के चलते जिले में दलालों की बुकिंग हो गई है जबकि जरूरतमंद किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान की योजना से वंचित रहना पड़ा।
इन यंत्रों पर मिलना है अनुदान
हैरो, कल्टीवेटर,मिनी राइस मिल, पावर टिलर,लेजर लैंड लेवलर, मल्टी क्राफ थे्रसर,पावर चैफ कटर,ट्रैक्टर माउंटेड स्पे्रयर, डिस्क प्लाऊ,आलू खोदाई मशीन, पैकिंग मशीन, थ्रेसिंग फ्लोर,डीजल पंपसेट,आदि पर अनुदान की व्यवस्था है।
आज भी होगी बुकिंग
कस्टम हायरिंग सेंटर,स्मॉल गोडाउन, थ्रेसिंग फ्लोर के लिए 26 अगस्त को शाम तीन बजे से विभागीय पारदर्शी किसान सेवा योजना पोर्टल पर बुकिंग प्रराम्भं होगी। कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए ग्रामीण उद्यमी (कृषक एवं युवा उद्यमी) पात्र है। इसी प्रकार पंजीकृत किसान समिति, कृषि उत्पादक संघ एवं पंजीकृत एनआरएलएम समूह पात्र है।
नहीं हो सका समाधान
मंगलवार को कृषि यंत्रों की बुकिंग साइट पर न होने की जानकारी कुछ किसानों ने दी थी। पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल का संचालन जिले स्तर से नहीं होता है। इसलिए इसका समाधान नहीं हो सका है।
अरविंद मोहन मिश्रा, उप कृषि निदेशक