खैराबाद (सीतापुर)। नैपालापुर-नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए बिजवार में बने ओवरब्रिज पर लगातार हो रहीं दुर्घटनाओं के बाद जिम्मेदार जाग गए हैं। परिवहन विभाग ने पुल को ब्लैक स्पॉट घोषित करते हुए कार्यदायी संस्था को पत्र भेज दिया है। विभाग ने संस्था को जल्द इस समस्या का निवारण करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में बने इस पुल के कारण अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
दो पुलों को एक साथ जोड़कर बनाया गया है। एक पुल की मदद से नेशनल हाईवे से जाने वाला वाहन नैपालापुर होकर लखीमपुर को जा सकता है। दूसरे पुल से लखीमपुर से आने वाला वाहन नेशनल हाईवे पर पहुंच सकता है। इन पुलों का निर्माण रेलवे क्रॉसिंग पर कराया गया था। फाटक बंद होने के कारण लोगों को दिक्कत न हो और आने जाने के लिए सहूलियत हो।
कार्यदायी संस्था ने इन दोनों पुलोें के बीच जहां मोड़ पड़ता है। वहीं पर थोड़ी सी जगह छोड़ दी थी। ऐसा क्यों किया गया, इसका जवाब तो जिम्मेदारों के पास नहीं है। मोड़ होने के कारण जरा सी चूक होते ही यहां हादसे हो रहे हैं। लोगों की नीचे गिरकर मौत हो जाती है।
एआरटीओ प्रशासन उदित नारायण ने बताया कि अब तक हुई मौतों को देखकर इस पुल को ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था को पत्र लिखकर समस्या के निस्तारण की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि अब तक यहां पांच मौतें हो चुकी हैं। नौ लोग घायल हो चुके हैं।
ब्लैक स्पॉट घोषित करने के मानक
एआरटीओ उदित नारायण ने बताया कि जिस स्थान पर तीन साल के अंदर पांच लोगों की मौत हो जाए, उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है। उस स्थान की आधा किलोमीटर की रेंज में जितना भी एरिया लगता है, उसे ब्लैक स्टॉप माना जाता है। बिजवार चौराहे को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। जिस चौराहे के ऊपर यह पुल बना है। इस लिहाज से यह पुल ब्लैक स्पॉट है।
धीरे चलें के बोर्ड को समझें ब्लैक स्पॉट
एनएच 24 टोल प्लाजा के प्रबंधक अंकेश श्रीवास्तव कहते हैं कि जहां पर लोगों को धीरे चलने का साइन बोर्ड दिखाई दे, वहां पर लोग उसे ब्लैक स्पॉट समझें। उन्होंने कहा कि बिजवार ओवरब्रिज को बनाते समय कार्यदायी संस्था ने भी गड़बड़ी की है।
एनएचआई को भेजा है पत्र
एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया एनएचआई को भी पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। दोबारा ऐसी घटना न हो, उसका भी रास्ता जल्द ही निकाला जाएगा।