सीतापुर। लखीमपुर में हुई घटना के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। सियासत भी तेज हो चली है। मामले में हर दिन नया मोड़ आ रहा है। मंगलवार को अंतिम अरदास कार्यक्रम में शामिल होने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके साथ चल रही गाड़ियों को पुलिस प्रशासन ने जाने दिया। काफिले के साथ जाने की कोशिश कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अनुमति नहीं दी।
बैरिकेडिंग कर रोकने से कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। धक्कामुक्की के साथ जमकर नोकझोंक हुई। काफी देर तक हंगामा, प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद मामला शांत हुआ। लखीमपुर के तिकुनिया में हुई घटना में मारे गए किसानों की आत्मा की शांति के लिए अंतिम अरदास कार्यक्रम मंगलवार को किया गया। आयोजन घटनास्थल से एक किमी. दूर था। श्रद्धांजलि सभा में किसान संगठनों के पहुंचने का आह्वान किया गया था।
इस कार्यक्रम में किसानों के साथ ही राजनीतिक दलों के जाने की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया था। कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी कुछ नेताओं के साथ जाना था। प्रियंका लखनऊ से लखीमपुर के लिए काफिले के साथ रवाना हुईं। उनके आने की सूचना मिलते ही काफी संख्या में कांग्रेसी खैराबाद टोल टैक्स और नैपालापुर में जमा हुए।
कांग्रेसी प्रियंका के काफिले के साथ जाना चाह रहे थे। प्रियंका करीब पौने 10 बजे खैराबाद टोल प्लाजा के पास पहुंची, लेकिन वह रुकी नहीं और वहां से गुजर गईं। कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी के काफिले के पीछे जाने के लिए गाड़ियां लगाने की कोशिश की, लेकिन वहां पर मौजूद पुलिस-प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इसको लेकर पुलिस और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक होने लगी।
कार्यकर्ताओं ने जाने की कोशिश की, इस पर धक्कामुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क पर भी लेटने की कोशिश की। टोल प्लाजा पर करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नैपालापुर चौराहे पर पहुंच गए। वहां पर पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी समेत भारी संख्या कांग्रेसियों ने लखीमपुर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उनकी गाड़ी को बैरिकेडिंग कर रोक लिया, इससे वह आगे नहीं बढ़ सके। इसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच करीब एक घंटे नोकझोंक, धक्कामुक्की होती रही। लखीमपुर जाने की कोशिश नाकाम रही। काफी देर तक हंगामा भी हुआ, इससे अफरातफरी का माहौल बना रहा। अंतिम अरदास कार्यक्रम को लेकर जिलेभर की पुलिस अलर्ट पर रही। अटरिया से लेकर सिधौली, कमलापुर, खैराबाद, कोतवाली देहात, शहर कोतवाली, हरगांव, लहरपुर की पुलिस सड़कों पर मुस्तैद रही।
दारोगा व प्रदेश उपाध्यक्ष में गहमागहमी
नैपालापुर में लखीमपुर जाने के दौरान पुलिस के रोके जाने पर हंगामा कर रहे कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश का दारोगा विकास यादव से बहस हो गई। अखिलेश सीओ से कुछ कह रहे थे, इस बीच दारोगा विकास गुस्से में आ गए और उसका गिरेबां पकड़ लिया। मामले को देखते हुए मौजूद अन्य अधिकारियों ने विवाद को शांत कराया।
प्रियंका गांधी और उनके साथ में लगी पांच गाड़ियों को लखीमपुर जाने दिया गया। उनकी फ्लीट को नहीं रोका गया है। प्रियंका गांधी के साथ कार्यकर्ता कई गाड़ियों के साथ जाने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें खैराबाद टोल प्लाजा, नैपालापुर आदि स्थानों पर रोका गया। इससे कार्यकर्ता नाराज थे। समझाकर शांत कराया गया।
- पीयूष सिंह, सीओ सिटी