सीतापुर। जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। आर्थिक चोट पहुंचाने की मंशा से पुलिस शिकंजा कस रही है। अपराध से अर्जित चार गैंगस्टरों की 67 लाख से अधिक की संपत्ति को प्रशासन की मौजूदगी में जब्त करते हुए उस पर सरकारी ताला लगा दिया गया है। यह कार्रवाई बिसवां और कमलापुर की पुलिस ने की है। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
एसपी आरपी सिंह के आदेश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अपराध में शामिल अपराधियों की जुर्म से जुटाई गई संपत्ति को चिह्नित कर पुलिस कार्रवाई करने में जुटी है। इसी कड़ी में बिसवां पुलिस ने कार्रवाई की है। सीओ बिसवां अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि बिसवां के ईदगाहपुरवा निवासी बड़ी उर्फ मंजू पत्नी काशी, कांशीराम अवैध शराब के कारोबार में शामिल रहे हैं। दोनों पर केस दर्ज हैं। दोनों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद दोनों की अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाकर कार्रवाई के लिए डीएम से अनुमति ली गई। डीएम के आदेश पर दोनों की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। सीओ ने बताया कि जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत 48 लाख चार हजार 916 रुपये आंकी गई है। संपत्ति को जब्तीकरण के दौरान मुनादी कराई गई और कार्रवाई की नोटिस चस्पा किया गया।
सीओ सिधौली ने बताया कि सिधौली इलाके के अकोहरा गांव निवासी सलमान, कमलापुर के सरौरा कलां गांव निवासी मुस्ताक वध प्रतिबंधित पशुओं की हत्या और चोरी के मामले के आरोपी हैं। दोनों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद डीएम के आदेश पर कमलापुर पुलिस ने रविवार को दो कार, एक और वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की है। बताया कि जब्त किए गए वाहनों को गैंगस्टरों ने अपराध की कमाई से खरीदा था। जिनकी कीमत करीब 19 लाख आंकी है। सलमान की जब्त की गई संपत्ति की कीमत सात लाख, मुस्ताक की 12 लाख है।
गैंगस्टरों की जब्त की गई संपत्ति अपराध करके कमाई गई थी। सभी के बारे में गहराई से जांच की गई। किसी के पास आय का कोई साधन नहीं है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
- आरपी सिंह, एसपी