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बुखार से तीन की मौत, मरने वालो की संख्या पहुंची 40

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मलेरिया अधिकारी ने नटवलग्रंट गांव में 40 लोगों के भरे ब्लड सैंपल
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औरंगाबाद/सीतापुर। गोंदलामऊ विकासखंड में रहस्यमयी बुखार से तीन और लोगो की मौत हो गई। इस बुखार से अब तक 40 लोगो की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सबसे प्रभावित नटवलग्रंट के छह मरीज गंभीर हो गए हैं। इनको जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया है।

अब भी गांव में करीब 50 लोग बुखार की चपेट में है। बुधवार को जिला मलेरिया अधिकारी ने 40 मरीजों के ब्लड के सैंपल भरे। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। गोंदलामऊ विकासखंड के कुनेरा निवासी बुध्धा (60) को पिछले 15 दिन से बुखार आ रहा था। इनका प्राइवेट चिकित्सालय में इलाज चल रहा था।
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बुधवार को इलाज के दौरान इनकी मौत हो गई। पांच दिन पहले इनकी लड़की सुमन की भी बुखार से मौत हो चुकी है। बरेड़ा निवासी रामसिंह (55) सात दिन से बुखार की चपेट में थे। परिवारीजन लखनऊ इलाज के लिए ले जा रहे थे। रास्ते में इन्होंने दम तोड़ दिया। डेंगरा निवासी इंदु (80) बुखार के कारण प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रही थी।

इनकी भी मौत हो गई। अब इन विकासखंड में बुखार से मरने वालों की संख्या 40 पहुंच गई है। जिसमें सबसे अधिक नटवलग्रंट में अकेले 10 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसके मिश्रा ने नटवलग्रंट पहुंचकर 40 मरीजों के ब्लड के सैंपल भरे। 308 मरीजों को दवाईयां वितरित की। नटवलग्रंट में अभी भी 50 से अधिक लोग बुखार की चपेट में है।

वहीं नटवलग्रंट के प्राथमिक विद्यालय में चल रहे स्वास्थ्य शिविर में छह मरीजों की हालत गंभीर हो गई। इसमें विमलेश (15), रामनाथ (25), विनोद (32), सुमित्रा (21), राजाराम (18) व बबली (12) को जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया है। विधायक रामकृष्ण भार्गव व पूर्व सांसद अशोक रावत ने गांव पहुंचकर मरीजों का हालचाल लिया। उनको हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

गांव पहुंचा पानी का एक टैँकर
गांव में दूषित जल की लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। बुधवार को एसडीएम राजीव पांडेय ने मिश्रिख नगर पालिका से पानी का एक टैंकर गांव पहुंचाया। इस टैंकर से ग्रामीणों ने अपनी जरुरत का पानी लेकर प्यास बुझाई।

पीड़ित को मिले आर्थिक मदद
अगर कहीं पर वीआईपी की मौत हो जाती है तो पूरा प्रशासन पहुंचा जाता है। जिले का प्रशासन पूरी तरह नकारा हो चुका है। गरीब लोग बराबर मर रहे हैं। इनकी सुध लेना वाला कोई नहीं है। डीएम इतनी मौतों के बाद भी गांव नहीं पहुंच सकी हैं। न ही जनप्रतिनिधि उनकी मदद कर पा रहे हैं। पीड़ित परिवारों को 20 लाख का मुआवजा सहित बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलवाई जाएं।
-आनंद भदौरिया, एमएलसी

बुखार से नहीं हो रहीं मौतें
सीएमओ डॉ. आरके नैय्यर ने इन मौतों से किनारा करते हुए बताया मुडियाकलां निवासी बदलू की मौत वृद्ध होने के कारण श्वांस रोग, नटवलग्रंट निवासी छोटेलाल की पेटदर्द, पीतपुर निवासी राजेंद्र मादक पदार्थों का सेवन करने व सैदापुर निवासी रामहेत की मौत दस्त की वजह से मंगलवार को हुई थी।
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बचाव एवं उपचार के लिए प्रत्येक ग्राम में संक्रामक रोग निरोधक दल लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर इलाज कर रहा है। वहीं सीएमओ ने सीएमएस जिला अस्पताल को पत्र लिखकर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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