पुलिस हिरासत से भागा 25 हजार के इनामी विक्रम कालिया को सिधौली पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा
सीतापुर/ सिधौली। लखनऊ के चर्चित अधिवक्ता इन्द्रदेव सिंह हत्याकांड का आरोपी व शार्प शूटर विक्रम कालिया को सिधौली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। वर्ष 2013 में पेशी पर जाते समय वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। विक्रम कालिया 25 हजार का इनामी भी है।
इन दिनों वह पूर्व विस प्रत्याशी अभिनव उर्फ राजा भार्गव की हत्या की फिराक में था। पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। राजा भार्गव की हत्या के लिए शार्प शूटर को किसने सुपारी दी थी, पुलिस भी यह नहीं बता पा रही है।
सिधौली कोतवाल आमोद रंजन चौधरी को एक इनामी बदमाश के सरवा की तरफ से आने की सूचना मिली। इस पर कोतवाल ने एसआई निराला तिवारी, बालकराम, कांस्टेबल वरुण कुमार, नरेन्द्र, सुरेश व चालक अशोक यादव के साथ सरवा तिराहे पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी।
इसी बीच बाइक पर एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस टीम को देख भागने का प्रयास करते हुए बदमाश ने फायर कर दिया। पुलिस टीम ने मोर्चा संभालकर घेराबंदी करते हुए उसे धर दबोचा। पकड़े गए बदमाश की पहचान विक्रम कालिया निवासी गोकुलपुर थाना सतरिख जिला बाराबंकी के रूप में हुई।
पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान एएसपी दक्षिणी महेन्द्र प्रताप चौहान ने बताया कि पकड़ा गया बदमाश शार्प शूटर है। आईपीएस अफसर लक्ष्मी सिंह के पिता अधिवक्ता इन्द्रदेव सिंह की वर्ष 2001 में लखनऊ कचहरी में इसने हत्या की थी।
इस चर्चित हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद 10-12 साल तक जेल में निरुद्ध रहा। सीबीआई ने इसे रिमांड पर लिया था। वर्ष 2013 में पेशी पर लाए जाने के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। एएसपी ने बताया कि बाराबंकी के सतरिख थाने का हिस्ट्रीशीटर विक्रम कालिया इन दिनों लखनऊ के प्रमुख व्यवसाई व नेता राजा भार्गव की हत्या की फिराक में था।
वर्ष 2012 में राजा भार्गव पीस पार्टी के टिकट पर बिसवां विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। राजा भार्गव की सुपारी इसे किसने दी थी, इसका जवाब फिलहाल पुलिस के पास नही है।
स्कूल बैग पकड़ने की उम्र में थाम लिया था हथियार
शार्प शूटर विक्रम कालिया ने स्कूली बैग पकड़ने की उम्र से ही हथियार थाम लिया था। पुलिस के मुताबिक किशोर अवस्था में ही विक्रम ने लखनऊ के थाना चिनहट में एक शख्स की हत्या कर दी थी। यह उसका पहला जुर्म था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जरायम की दुनिया में आगे बढ़ता चला गया।
पुलिस के सामने राजा भार्गव की हत्या की साजिश रचने वाले को बेनकाब करने की चुनौती
विक्रम को गिरफ्तार कर पुलिस ने राजा भार्गव की हत्या की साजिश का खुलासा भले कर दिया है। लेकिन पुलिस के सामने साजिश करने वाले को बेनकाब करने की चुनौती आ खड़ी हुई है। शार्प शूटर तो महज इस साजिश को अंजाम देने वाला एक मोहरा भर है।
सूत्र बताते हैं कि वह राजा भार्गव के एक करीबी के संपर्क में था। उसकी योजना पहले राजा भार्गव के सुरक्षा दस्ते में शामिल होने की थी। फिर मौका पाकर वह हमला कर योजना को अंजाम देने के मंसूबे पाले हुए था।