खैराबाद/सीतापुर। पंडित सूर्यदत्त आनंदी सहगल इंटर कॉलेज खैराबाद में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देने आए 126 विद्यार्थियों की परीक्षा छूट गई। कॉलेज ने देर से आने की बात कहकर परीक्षा से वंचित कर दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि कॉलेज की सही जानकारी नहीं मिल रही थी। कॉलेज का बोर्ड भी कहीं नहीं लगा था। इस वजह से कुछ देर हुई। विद्यार्थियों ने कॉलेज के बाहर हंगामा करते हुए डीएम से शिकायत की। पर उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।
मंगलवार को पीईटी आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे के मध्य आयोजित की गई थी। सभी विद्यार्थियों को सुबह 9.30 बजे पंडित सूर्यदत्त आनंदी सहगल में उपस्थित होना था। इस विद्यालय में सुबह की परीक्षा में 450 छात्र व छात्राओं को भाग लेना था। 450 में सिर्फ 354 ही समय से कॉलेज पहुंचे। 126 छात्र-छात्राओं के देर से पहुंचने पर उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया।
कॉलेज प्रशासन ने उनको अंदर जाने से मना कर दिया। इससे पुलिस व विद्यार्थियों में झड़प भी हुई। विद्यार्थियों का कहना था कि गूगल पर कॉलेज की सही जानकारी नहीं मिल रही थी। कही पर कॉलेज का बोर्ड भी नहीं लगा था। इससे हम लोग जानकारी करते हुए कॉलेज पहुंचे थे। इससे देरी हो गई थी। कॉलेज से अंदर जाने के लिए काफी गुहार लगाई लेकिन किसी भी अफसर ने एक न सुनी। इससे विद्यार्थियों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया। उसके बाद जिलाधिकारी को भी शिकायत पत्र सौंपा। आखिर में मायूस होकर विद्यार्थी वापस चले गए।
सेंटर चयन को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश
परीक्षा न दे पाने के सवाल पर आयशा गुप्ता फफक कर रो पड़ी। आयशा का कहना था कि कहीं पर भी विद्यालय का बोर्ड नहीं लगा था। न ही जिस गेट से इंट्री थी, वहां पर भी विद्यालय का नाम नहीं लिखा था। ऐसे मे घंटों भटकते रहे। लखनऊ से परीक्षा देने आए दुर्गेश कहते हैं कि विद्यालय की लोकेशन गलत बताने से घंटों लोग चक्कर कटाने के बाद विद्यालय पहुंचे।
उसके बावजूद भी समय से पहले गेट बंद कर दिया गया। हम लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत की हैं। लखनऊ से परीक्षा देने आए विनय कुमार कहते हैं कि ऐसे सेंटर पर परीक्षा क्यों कराई जाती हैं। जहां की लोकेशन भी सर्च नहीं हो रही है। बिसवां बन्नीखरैला से परीक्षा देने आई अंजली मौर्य कहती हैं कि बारिश होने के बावजूद हम समय से आ गए थे। उसके बावजूद भी परीक्षा में भाग लेने नहीं दिया गया। प्रशासन विद्यालय के कैमरे चेक करा सकता है।
कंट्रोल रूम से हो रही थी निगरानी
पं सूर्यदत्त आनंदी सहगल विद्यालय के संस्थापक रामजी मिश्र कहते हैं कि सारे आरोप निराधार हैं। विद्यालय की मॉनीटरिंग कंट्रोल रूम से सीधे हो रही थी। हम इसमें कुछ भी नहीं कर सकते हैं। समय से जो अभ्यर्थी आए थे, उनकी परीक्षा हुई हैं।