डीआईओएस ने तीन स्कूलों का किया औचक निरीक्षण, सामने आई खामियां
सीतापुर। जिले के कई स्कूल-कॉलेज मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे हैं। कहीं एक ही भवन में प्राइमरी से लेकर इंटर तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं तो किसी कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता बेहद खराब है। विद्यार्थियों की उपस्थिति भी अपेक्षा से कम पाई गई।
डीआईओएस के औचक निरीक्षण के दौरान कॉलेजों में कई गंभीर खामियां सामने आईं। इस पर उनकी ओर से कॉलेज प्रबंधतंत्र को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समयावधि में खामियां दूर नही किए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
डीआईओएस नरेन्द्र शर्मा ने बुधवार को एचआरए मांटेसरी इंटर कॉलेज पीतपुर, सेवाश्रम इंटर कॉलेज काजी कमालपुर और राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इमलिया सुल्तानपुर का औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले सुबह 8:30 बजे डीआईओएस एचआरए मांटेसरी इंटर कॉलेज पीतपुर पहुंचे।
यहां कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाओं में पंजीकृत 411 विद्यार्थियों के सापेक्ष 331 विद्यार्थी उपस्थित मिले। इस पर उन्होंने शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति के निर्देश प्रबंधतंत्र को दिए गए। निरीक्षण में पाया गया कि एक ही भवन में प्राइमरी से इंटर तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
जबकि मान्यता लेते समय स्पष्ट किया गया था, कि इस भवन में प्राइमरी की कक्षाएं संचालित नही हैं। डीआईओएस द्वारा इस पर एक माह में प्राइमरी कक्षाओं का संचालन समाप्त करने के निर्देश दिए। वहीं परिवहन विभाग को सूचना दिए बगैर वाहनों का प्रयोग भी किया जाता मिला।
डीआईओएस ने वाहनों और चालकों का फिटनेस कराकर पुलिस से सत्यापन के बाद ही वाहन प्रयोग करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे सेवाश्रम इंटर कॉलेज काजी कमालपुर पहुंचे। यहां पंजीकृत छात्र संख्या 1170 के सापेक्ष महज 703 की उपस्थिति मिली।
जबकि शिक्षकों के सृजित 23 पदों के सापेक्ष 13 पर ही तैनाती पाई गई। कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं से सवाल करने पर वह संतोषजनक जवाब नही दे सके। प्रधानाचार्य को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। फिर डीआईओएस ने राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इमलिया सुल्तानपुर का निरीक्षण किया।
यहां कक्षा 9 व 10 में पंजीकृत 107 छात्राओं के सापेक्ष 57 छात्राएं ही उपस्थित पाई गईं। परिसर में पौधरोपण के अलावा कक्षा 6 का संचालन प्रारंभ किए जाने के लिए विद्यालय में पद सृजन के लिए शिक्षा निदेशक को पत्र भेजने के निर्देश पटल सहायक को दिए।