जहांगीराबाद। जिले में हेपेटाइटिस सी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जहांगीराबाद गांव में पति, पत्नी, पुत्री सहित एक ही परिवार के 11 लोग संक्रमित मिले हैं। एक साथ संक्रमण के इतने मामले सामने आने को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। जानकारी के बाद सीएचसी बिसवां की टीम ने गांव पहुंचकर 135 ग्रामीणों का सैंपल जांच के लिए लेकर लैब भेजा। वहीं, संक्रमण की आशंका के बाद पीड़ितों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में वायरल लोड की जांच के लिए सभी का नमूना लिया गया। अब एक सप्ताह बाद आने वाली रिपोर्ट के आधार पर संक्रमितों का इलाज शुरू होगा।
बिसवां विकासखंड के जहांगीराबाद गांव निवासी रामू चौरसिया ने बताया कि उनकी पत्नी सावित्री (34) को पेट में पथरी थी। चिकित्सकों ने आपरेशन बताया था। आपरेशन से पहले कुछ जरूरी जांचें प्राइवेट पैथोलॉजी रेउसा में करवाईं गई। इसमें पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हेपेटाइटिस सी की पुष्टि होने के बाद चिकित्सक ने आपरेशन करने से मना करते हुए सरकारी अस्पताल से इलाज करवाने व परिवार के अन्य सदस्यों की जांच करवाने की सलाह दी। इस पर परिवार के सभी सदस्यों की प्राइवेट पैथोलॉजी से जांच करवाई गई।
जांच में पिता राम गुलाम (64), माता तारा देवी (62), भाई श्यामू (27) व ज्ञानू (25), श्यामू की पत्नी सरोजिनी (28), ज्ञानू की पुत्री वैष्णवी (9), श्यामू की पुत्री राधिका (11) व आरती देवी (15), रामू(34) व उनकी पुत्री अंशिका (13)की रिपोर्ट हेपेटाइटिस सी संक्रमित आई है। परिवार के सदस्यों की जांच रिपोर्ट पीएचसी जहांगीराबाद में दिखाई तो प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान शुक्ल ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इन मरीजों के वायरल लोड की जांच की गई है।
नहीं पता चल सका कारण
रामू चौरसिया ने बताया कि परिवार में किसी भी सदस्य को न तो खून चढ़ाया गया है और न ही किसी ने ब्लड डोनेट किया है। हां, पत्नी की तीन बार डिलीवरी के समय प्राइवेट अस्पताल में आपरेशन जरूर हुए हैं। इसके अलावा माता जी को काफी समय पहले स्तन कैंसर था, जिसका काफी दिनों तक इलाज चला था। पांच वर्ष पहले उनका आपरेशन हुआ था। तबसे से वह ठीक हैं। बीमार होने पर निजी चिकित्सक के यहां कभी कभार इंजेक्शन जरूर लगवाने पड़ते हैं।
135 के लिए सैंपल
एक गांव के एक ही परिवार के 11 लोगों के संक्रमित होने की सूचना के बाद चेते स्वास्थ्य विभाग ने बिसवां सीएचसी से चिकित्सक डाॅ. योगेंद्र श्रीवास्तव, फिजियोथिरेपिस्ट, आई स्पेशलिस्ट डाॅ. नवीन श्रीवास्तव, जहांगीराबाद पीएचसी के लैब टेक्नीशियन रवींद्र सिंह यादव व वार्ड बॉय मोहम्मद असलम को कस्बे के वार्ड-3 में भेजा। जहां परिवार के साथ ही आस-पड़ोस के 35 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। चिकित्सकों ने बताया दो दिन में रिपोर्ट जाएगी। उसके बाद इलाज शुरू होगा।
तीन माह में ठीक हो जाते मरीज
जहांगीराबाद पीएचसी से रेफर होकर मरीज आए थे। इन मरीजों का वायरल लोड का सैंपल लिया गया है। एक सप्ताह बाद जांच रिपोर्ट आ जाएगी। उसके बाद दवाओं का तीन माह का कोर्स प्रत्येक मरीज को करवाया जाएगा। इलाज से आसानी से मरीज ठीक हो जाते है। इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
डॉ. स्वास्ति वाजपेयी, नोडल प्रभारी जिला अस्पताल हेपेटाइटिस
भेजी गई थी टीम
जानकारी मिलने पर तत्काल एक टीम जहांगीराबाद गांव भेजी गई थी। 135 के सैंपल लिए गए हैं। इन मरीजों की रिपोर्ट अगर पॉजिटिव आती है तो बड़े स्तर पर प्राथमिक चरण में सैंपलिंग कराई जाएगी। उसके बाद अगले चरण की रणनीति बनाई जाएगी। गांव में बीमारी फैलने का कारण जानने की कोशिश की जा रही है।
डॉ. दीपेंद्र वर्मा, जिला सर्विलांस अधिकारी