- राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय के चिकित्सक योग के लिए कर रहे प्रेरित
- रोजाना ओपीडी में पहुंचते हैं मानसिक रूप से परेशान दो से तीन रोगी
सिद्धार्थनगर। भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का दबाव और बदलती दिनचर्या के बीच मानसिक तनाव और अवसाद से परेशान रोगी की संख्या बढ़ रही है। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय में चिकित्सक मरीज की समस्या और उसकी हिस्ट्री जानने के बाद होम्योपैथी दवा के साथ योग के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ओपीडी में रोजाना दो से तीन मरीज पहुंच रहे हैं।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कमलदीप सिंह के अनुसार मानसिक परेशानी लेकर आने वाले मरीजों से उनकी समस्या की शुरुआत, नींद, खानपान, दिनचर्या, काम के दबाव और अन्य परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली जाती है। इसके आधार पर उपचार की सलाह दी जाती है। मरीजों को नियमित रूप से योग और प्राणायाम करने, पर्याप्त नींद लेने, सुबह-शाम टहलने और मोबाइल और अन्य स्क्रीन पर अनावश्यक समय कम करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
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योग से मन को शांत रखने की सलाह
अधीक्षक ने बताया कि दवा के साथ ही मरीजों को नियमित योग और प्राणायाम के लिए प्रेरित कर रहे हैं। योग को उपचार का विकल्प मानने के बजाय स्वस्थ दिनचर्या के एक हिस्से के रूप में अपनाना चाहिए। सुबह के समय हल्का योग, प्राणायाम और कुछ देर टहलने से दिनचर्या व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है। मरीजों को अपनी क्षमता के अनुसार ही योग करने और जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित व्यक्ति से सही तरीका सीखने की सलाह दी जा रही है।
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इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
- लगातार उदासी या बेचैनी रहना।
- नींद में बदलाव और किसी काम में मन न लगना
- चिड़चिड़ापन, थकान और लोगों से दूरी बनाना
- रोजमर्रा के काम प्रभावित होना जैसे लक्षण बने रहना