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Siddharthnagar News: मानसून फिर बना पहेली, बादल रोज आते हैं पर बारिश नहीं

Tue, 18 Aug 2026 11:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- बंगाल की खाड़ी का अवदाब झारखंड-बिहार की ओर बढ़ा, पूर्वी यूपी में बारिश बढ़ने का अनुमान
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सिद्धार्थनगर। दूसरी जगह भले ही मानसून के तेवर तल्ख हों लेकिन सिद्धार्थनगर की धरती अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रही है। यहां मानसून फिर पहेली बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान रोज बारिश की संभावना जता रहे हैं। बदली भी हो रही है लेकिन कई बार बिना बरसे ही लौट जा रहे हैं। अब बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मौसम तंत्र झारखंड और बिहार की ओर बढ़ चुका है। इससे जिले में बारिश की उम्मीद एक बार फिर जगी है। हालांकि, किसानों और आम लोगों के लिए बड़ा सवाल यही है कि इस बार बादल सिर्फ मंडराएंगे या पानी भी बरसेगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 5:30 बजे अवदाब झारखंड और उससे सटे गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल क्षेत्र के ऊपर केंद्रित था। यह पिछले छह घंटे में करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ा। इसके अगले 24 घंटे में झारखंड और बिहार होते हुए इसी दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है।
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मौसम तंत्र के पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। आईएमडी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को व्यापक बारिश का पूर्वानुमान दिया है। 20-21 अगस्त को भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
वहीं, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा भी होने की संभावना व्यक्त की है।

पूर्वी यूपी तक पहुंचेगा सिस्टम का असर
- मौसम तंत्र मंगलवार सुबह रांची से करीब 100 किलोमीटर उत्तर-पूर्व, गया से लगभग 160 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और वाराणसी से करीब 380 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में था। इसके आगे बढ़ने के साथ बिहार और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है।
सिद्धार्थनगर तराई का जिला होने के साथ बिहार के नजदीक है। ऐसे में मौसम तंत्र की दिशा पर जिले में विशेष नजर रहेगी। बादल छाने के साथ गरज-चमक और तेज बारिश के दौर बन सकते हैं। हालांकि जिले में बारिश कितनी होगी, यह सिस्टम की आगे की स्थिति और स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। आईएमडी के 18 अगस्त के बुलेटिन में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बारिश हुई तो निचले इलाकों में बढ़ेगी चुनौती
जिले में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और खराब संपर्क मार्गों पर भी आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहेगी। नेपाल के तराई क्षेत्र में बारिश और जिले में एक साथ तेज वर्षा होने पर छोटी नदियों, नालों और जलनिकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ सकता है। धान समेत खरीफ फसलों के लिए बारिश जरूरी है, लेकिन लगातार या बहुत तेज बारिश नुकसान का कारण भी बन सकती है। खेतों में पानी अधिक समय तक जमा रहने पर फसल प्रभावित होने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश नहीं हुई तो धान की फसल के लिए सिंचाई का दबाव बढ़ेगा।
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पूर्वानुमान ने बढ़ाई उम्मीद, अब बादलों की बारी
पिछले कुछ दिनों से जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी आसमान में घने बादल छाते हैं तो कभी कुछ देर बाद धूप निकल आती है। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन किसानों को उम्मीद के मुताबिक व्यापक बारिश नहीं मिली। ऐसे में झारखंड-बिहार की ओर बढ़ रहा अवदाब जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यानी इस बार मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही बैठा तो जिले को राहत की बारिश मिल सकती है, लेकिन यदि बादल फिर बिना बरसे लौटे तो मानसून की बेरुखी का सिलसिला जारी रहेगा।
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