जलस्तर घटने के बाद भी लाल निशान पार हैं तीन नदियां
सिद्धार्थनगर। वैसे तो जिले की सभी नदियों का जलस्तर घट रहा है, फिर भी राप्ती, बूढ़ी राप्ती और कूड़ा नदी अभी खतरे के लाल निशान से ऊपर बनी हुई हैं। बाढ़ के कारण जोगिया, डुमरियागंज और उसका आदि क्षेत्र के कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। कई सड़कों पर पानी चढ़ने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हा रही है।
राप्ती अब तक के उच्चतम जलस्तर पर पहुंचकर शुक्रवार शाम से घटने लगी है, लेकिन अभी भी वह खतरे के निशान से 99 सेमी ऊपर बह रही है। वर्तमान में राप्ती का जलस्तर 85.89 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 84.90 है। वहीं बूढ़ी राप्ती नदी तीन दिन से घट रही है। इसके बावजूद खतरे के निशान से 1.56 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं कूड़ा नदी भी लाल निशान से 13 सेमी ऊपर बह रही है। बानगंगा, जमुआर और तेलार के घटने के बाद भी कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। जोगिया क्षेत्र के हरनी, टड़िया, इटौवा, रीवा और बैरवा नानकार आदि गांव मैरूंड हैं।
जोगिया प्रतिनिधि के अनुसार, जोगिया-पकड़ी मार्ग पर पानी चढ़ने से लोगों का आवागमन बाधित है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों बड़े वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में इस पर चलना मुश्किल है। वहीं ऐतिहासिक जोग माया मंदिर और जोगिया गांव जाने वाली सड़क पर पानी चढ़ने से परेशानी हो रही है। इसी तरह पकड़ी-महुलानी मार्ग पर पानी चढ़ने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भठिया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, उसका ब्लॉक के बाढ़ से कई गांवों के लोगों की हालत बदतर हो चुकी है। ग्राम पंचायत उटिया के टोला पलहया में अभी तक किसी भी प्रकार का राहत सामग्री वितरित नहीं की गई है। महराजगंज सीमा पर स्थित होने के इस गांव में न तो जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं और न ही अब तक शासन की ओर से कोई राहत सामग्री मुहैया कराई गई। ग्राम प्रधान ने बताया कि सभी अधिकारियों को सूचना दी गई है, लेकिन अब तक इस गांव में कोई भी राहत सामग्री वितरित नहीं की गई।
सेमरा पुल का एप्रोच धंसा
महदेवा बाजार। कूड़ा नदी पर बने सेमरा पुल का एप्रोच धंस जाने से आवागमन प्रभावित है। स्थानीय लोगों की ओर से उसकी मरम्मत की गई, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एप्रोच फिर धंस गया। स्थानीय निवासी अरमान खां, श्यामा चरण, मिनकू प्रसाद का कहना है कि एप्रोच धंसने से चार पहिया समेत बड़े वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। उन्होंने इसके तत्काल मरम्मत की मांग की है।