इटवा। इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत के बाद बंद कराए गए जनता सेवा हाॅस्पिटल के संचालित होते पाए जाने पर शनिवार की देर रात एसडीएम की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। अस्तापल संचालित होते हुए पाया गया और दो मरीज भी भर्ती थे, जिन्हें तत्काल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेज दिया गया।
इसके साथ ही अस्पताल को सील कर दिया गया है। पुलिस संचालक को लेकर रात में थाने पर गई थी लेकिन प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, 23 मई की रात भर्ती हुई महिला के नवजात बच्चे की मौत मामले में इटवा पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित अन्य लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर 27 जून को अस्पताल के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल संचालक को नोटिस जारी करते हुए अस्पताल का संचालन बंद करा दिया था।
मनमानी करते हुए संचालक दोबारा मरीजों का इलाज शुरू कर दिया। इसकी जानकारी किसी ने प्रशासन को दी। जानकारी पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनिंदर पाल, तहसीलदार अजय कुमार मौर्य, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी और एसओ संजय कुमार मिश्रा ने रात में 11:30 बजे अस्पताल पर छापेमारी की।
निरीक्षण के दौरान गेट पर ताला लगा हुआ था। ताला खुलवाने के बाद अंदर का दृश्य देखकर चिकित्सक दंग रह गए। वहां पहले से ही दो मरीज अकालमती निवासी भरहिया धोबहा व शहिमा निवासी करही खास भर्ती थीं।
पूछताछ में दो घंटे पूर्व में ऑपरेशन से डिलीवरी कराने की जानकारी मिली। इसके अलावा अस्पताल से जुड़े कुछ कागजात मिले, जिसे टीम ने जब्त कर लिया। दोनों मरीजों को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा गया।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी ने बताया कि दोनों मरीजों को मेडिकल काॅलेज सिद्धार्थनगर ले जाकर भर्ती कराया गया है। मौके पर मिले कथित चिकित्सक प्रवीण यादव व दो अन्य लोगों को इटवा पुलिस थाने ले गई।
संबंध में एसओ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि टीम के साथ रात में अस्पताल पर गए थे। इस मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।