नदी में छलांग लगाने वाले पिता और तीन पुत्रों का दूसरे भी नहीं चला पता
परसा। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के खैरी उर्फ झुंगहवां में अपने तीन पुत्रों के साथ बूढ़ी राप्ती नदी में छलांग लगाने वाले युवक और उसके तीनों पुत्रों की तलाश में प्रशासन ने काफी कोशिश की। बृहस्पतिवार को पीएससी के बाढ़ राहत दल की टीम ने पूरे दिन नदी में तलाश की, मगर तीनों का पता नहीं चला।
मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, ढेबरुआ व कठेला समय माता थाने के एसएचओ अपने सहयोगियों के साथ डटे रहे। सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी भी मौके पर मौजूद रहे।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के खैरी उर्फ झुंगहवां के रहने वाले राजन (35) पुत्र लल्लू बुधवार की सायं लगभग पौने सात बजे अपने पत्र सात वर्षीय पतलू, पांच वर्षीय राज, और तीन वर्षीय प्रेम के साथ तुलसियापुर-कठेला पीडब्ल्यूडी मार्ग के किनारे मटियार झुंगहवा के बीच बह रही बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे पहुंचा। उसी समय झुंगहवा टोले के रहने वाले एक युवक का अंतिम संस्कार भी कुछ दूरी पर किया जा रहा था। मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले पिता राजन ने अपने बड़े पुत्र पतलू का पीछे हाथ बांध कर नदी में ढकेल दिया। जब तक कुछ दूरी पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, तब राजन ने अपने अन्य दो पुत्रों राज और प्रेम को अपने दोनों हाथों में दबाकर नदी में छलांग लगा दी। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ था।
नदी के बहाव की गति भी तेज थी। मौजूद लोग चारों को बचाने के लिए दौड़े भी, लेकिन अंधेरा और नदी के बढ़े जलस्तर व तेज बहाव के कारण उन्हें ढूंढा नहीं जा सका। उसके बाद लोगों ने डायल 112 व ढ़ेबरुआ पुलिस को सूचना दी। ढ़ेबरुआ एसएचओ ब्रह्मा गौड़ मौके पर पहुंचे। मगर रात होने की वजह से पुलिस कुछ कर नहीं पाई। किया नहीं जा सका। सुबह तहसील प्रशासन ने पीएससी की बाढ़ बचाव दल को घटना स्थल पर भेजा। दल के प्रभारी मोतीचंद गुप्ता सहित दूधनाथ यादव, रमेश गुप्ता, अरविंद कुमार, पंकज चौधरी, कृष्ण कुमार यादव, सुधीर कुमार आदि जवानों ने पूरे दिन चारों की स्टीमर की सहायता से तलाश की। हालांकि चारों का पता नहीं चल सका।
पत्नी मायके में, बोली-पति ने की थी मारने की कोशिश
परसा। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के खैरी उर्फ झुंगहवां में बुधवार को अपने तीन पुत्रों के साथ नदी में छलांग लगाने वाले राजन की पत्नी सुधा लोटन थाना क्षेत्र के ठड़वरिया में अपने मायके में है। सुधा ने बताया कि उसका पति अक्सर उसे पीटता था। सुधा ने आरोप लगाया कि पति ने चाकू से हमलाकर व जहर खिलाकर उसे जान से मारने का प्रयास किया था। वह तीनों पुत्रों राज, अनुराग व प्रेम को उसके पास से उठा ले गया था। सुधा ने बताया कि तीन माह पहले राजन उसके मायके आया था और अपने सभी संबंध खत्म करने की बात कह कर बच्चों को अपने साथ लेकर चला गया था। सुधा ने कहा कि अगर बच्चे उसके पास रहे होते तो उनके साथ ऐसा नहीं हुआ होता।