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आतंकी गतिविधियों पर लगेगी रोक, एटीएस की नजर में होगी भारत-नेपाल सीमा

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आतंकी गतिविधियों पर लगेगी रोक, एटीएस की नजर में होगी भारत-नेपाल सीमा
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सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की इकाई बैठेगी। वह सीमा की हर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने वालों पर कार्रवाई करेगी। यूनिट स्थापित करने के लिए बढ़नी में राजस्व विभाग ने जमीन चिह्नित करने की कवायद शुरू कर दी है। डेढ़ एकड़ भूमि में कार्यालय सहित हाईटेक सुविधाओं से लैस ऑफिस तैयार होगा।
भारत-नेपाल की 68 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। सीमा की निगरानी करने के लिए सीमावर्ती थानों की पुलिस के अलावा सुरक्षा एजेंसियां लगी हुई हैं। बीते दिनों इंडियन मुजाहिद्दीन सहित अन्य आतंकी संगठन से जुड़े आतंकियों के पकड़े जाने के बाद उनका लोकेशन भारतीय इलाके से सटे नेपाल में होने के साक्ष्य में मिले हैं। वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से तनाव से जैसे हालात होने के कारण भारत-नेपाल सीमा पर संवेदनशीलता बढ़ गई है। शासन ने भारत-नेपाल सीमा पर एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की यूनिट स्थापित करने की कवायद शुरू की है। इसमें नेपाल सीमा से सटे बढ़नी में यूनिट बनाने के लिए भूमि को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
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बताया जा रहा है कि डेढ़ एकड़ रकबे पर कार्यालय, जवानों के रहने के लिए आवास आदि बनाया जाना है। बढ़नी में दो स्थानों पर भूमि देखी गई है और जल्द ही फाइनल होने का अनुमान है। माना जा रहा है कि इस यूनिट के स्थापित होने से आतंकी गतिविधियों पर रोक लगेगी और लोग सुरक्षित रहेंगे। एएसपी सुरेश चंद रावत ने बताया कि एटीएस की यूनिट बननी है। इसके लिए बढ़नी में जमीन देखी गई है। कागजी काम चल रहा है।
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चर्चा में आई थी नेपाल सीमा
आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2010 में नेपाल सीमा से सटे बढ़नी बार्डर से इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी सलमान उर्फ छोटू को एटीएस ने पकड़ा था। पूछताछ में उसके नेपाल में बैठकर देश विरोधी गतिविधि चलाने की बात सामने आई थी। वर्ष 2013 में बिहार के रक्सौल से इसी आतंकी संगठन का मास्टर माइंड अब्दुल करीम टुंडा पकड़ा गया था। पूछताछ में उसके बढ़नी के आसपास रहकर देश विरोधी गतिविधि चलाने की बात सामने आई थी। इसी बीच इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े आतंकी यासिनी भटकल को पकड़ा गया था। इसके अलावा पड़ोसी जनपद महराजगंज से हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी नासिर पकड़ा गया था। वर्ष 2015 में महरागंज के सोनौली बार्डर से पाक वैज्ञानिक डॉ. जावेद को पकड़ा गया था।
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