शहर की दुकान में सजा हुआ मेवा संवाद
- फोटो : अवध विवि के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में व्याख्यान देते प्रोफेसर
सिद्धार्थनगर। सहालग के मौसम और ठंड की शुरुआत के साथ ही सूखे मेवे की मांग में तेजी आ गई है। ऐसे में बाजार में बादाम, चिलगोजा, छुहारा, अखरोट, खुबानी और अंजीर समेत अधिकांश ड्राई फ्रूट्स के दाम 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इससे लोगों को महंगे दर पर खरीदारी करनी पड़ रही है।
शादी-विवाह के मौसम में तिलक और वरक्षा में कपड़ा, फल, मिठाई के साथ सूखे मेवे देने की परंपरा है, जिससे कारोबार बढ़ा है। गर्मियों की तुलना में सर्दियों में सूखे मेवे की मांग काफी बढ़ जाती है।
लोग बादाम, अखरोट, अंजीर आदि को पानी में भिगोकर, पंजीरी बनाकर और गुड के लड्डू में खाते हैं। इन दिनों विवाह समारोहों की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, इसका सीधा असर बाजार पर नजर आ रहा है। मिठाइयों, डिशेज और गिफ्ट पैकिंग में ड्राई फ्रूट का उपयोग बढ़ने से थोक और खुदरा दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है।
व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ सप्ताह में काजू और मखाने की बिक्री में सबसे अधिक उछाल देखा गया है।
काजू के विभिन्न ग्रेड और मखाने की अलग-अलग वैरायटी बाजार में उपलब्ध हैं, जिसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा बादाम, अखरोट और पिस्ता की खरीद भी बढ़ी है, लेकिन काजू-मखाना अब भी शीर्ष पर बने हुए हैं।
किराना दुकानदार शैलेष ने बताया कि शादी-विवाह में ड्राई फ्रूट्स परोसने और गिफ्ट पैक में शामिल करने की परंपरा बढ़ने से महंगाई बढ़ रही हैं जबकि ठंडक में भी इसकी मांग बढ़ जाती है।त