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विद्यालय खुले मगर नहीं शुरू हुआ टीकाकरण

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विद्यालय खुले मगर नहीं शुरू हुआ टीकाकरण
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सिद्धार्थनगर। कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे मेें कोरोना से बचाव के टीके से वंचित विद्यालयों में बच्चों का टीकाकरण कराया जाना था। विद्यालयों के खुलने के साथ ही टीकाकरण कराना था। दो दिन बीत गए, अब तक टीकाकरण नहीं हुआ। यह हाल तब है, जब जनपद में एक लाख बच्चे कोरोनारोधी टीका से वंचित हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार बेखबर हैं।
कोरोना का संक्रमण महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अन्य महानगरों में तेजी से पांव पसार रहा है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए विद्यालय खुलते ही विद्यार्थियों को एक जुलाई से टीका लगाया जाना था। जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्त विहीन के कुल 201 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 12-17 वर्ष की आयु सीमा में आने वाले 2.64 लाख लोगों को टीका लगाया जाना था।
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टीकाकरण चल ही रहा था कि उसी दौरान विद्यालय बंद हो गए थे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनपद में 1.64 लाख बच्चों को टीका लग पाया है। इसमें कुछ को दोनों डोज लगी है। कुछ बच्चों को एक ही डोज लगी है। एक लाख बच्चे टीके से वंचित हैं। उधर कुछ शहरों में कोरोना का संक्रमण फिर पांव पसार रहा है। इसके बाद भी विद्यार्थियों को टीका लगाने के लिए शिविर का आयोजन नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में संक्रमण के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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कारण स्कूलों में बच्चे एक साथ बाहर निकलते हैं। ऐसे में एक बच्चा संक्रमित हुआ तो अन्य के संक्रमित होने की आशंका रहेगी। इस संबंध में डीआईओएस अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि सभी प्रबंधक और प्रधानाचार्य को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालय में छूटे हुए बच्चों को टीका लगवाएं और जिनको दूसरी डोज लगनी है, उन्हें लगवाई जाए। वहीं, डिप्टी सीएमओ डॉ. सौरभ चतुर्वेदी ने बताया कि विद्यालयों में टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य टीम सक्रिय है। बच्चों का टीकाकरण करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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