तेजी से बढ़े भवन सामग्री के दाम, घर बनाना हुआ मुश्किल
उसका बाजार। भवन निर्माण सामग्री के दाम में उछाल से आशियाना की उम्मीद पाले लोगों को बड़ा झटका लगा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के संबंध में जो आशंका थी, वह अब सही साबित हो रही है। सरिया, बालू, मोरंग, गिट्टी और ईंट के दाम आसमान छू रहे हैं। भवन निर्माण करा रहे लोगों ने खरीदारी काम रोक दिया है, वहीं बिक्री मंदा होने से व्यापारियों में निराशा है।
एक माह पूर्व जो ईंट 12 हजार रुपये ट्राली (दो हजार ईंटें) थी, वह वर्तमान में 15 हजार रुपये में मिल रही हैं। जय शिव दुर्गे के प्रोपराइटर रतनसेन सिंह का कहना है कि भवन निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण घर बनाने वाले अपना काम रोक दिए हैं। इससे कारोबार में घाटा उठाना पड़ रहा है। समय माता ट्रेडर्स के मालिक रमेश यादव का कहना है कि सरिया के भाव में प्रति कुंतल दो से ढाई हजार रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। गिट्टी, बालू, मोरंग के दाम में उछाल आ गया है। इससे घर बनवाने वालों की स्थिति खराब हो गई है। घर निर्माण करा रहे जुगुल जायसवाल ने कहा कि महंगाई चरम पर है, इसलिए उन्होंने काम रोक दिया है। जब सामग्री सस्ती होगी तब निर्माण के बारे में सोचेंगे। ईंट भट्ठा व्यवसायी राकेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि कोयला दोगुना महंगा हो चुका है । अब लागत निकलनी मुश्किल हो रही है। डीजल का दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन पर भी लागत ज्यादा आ रही है। जीएसटी के स्लैब में भी बदलाव हुआ है। पहले यह पांच प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 12 प्रतिशत हो गया है।
बारिश में बर्बाद हो गई थीं कच्ची ईंटें
कारोबारियों का कहना है कि बारिश से उसका बाजार में अधिकांश ईंटें बर्बाद हो गई थीं। दो से तीन बार पथाई का काम हुआ। भट्ठे की फुंकाई रोकनी पड़ी थी। जनवरी में होने वाली फुंकाई का काम फरवरी के अंत तक शुरू हो पाया था। इसी का नतीजा नई ईंटों के रेट पर आ गया है।
उसका बाजार में ईंट की कीमत
व्यापारी कहते हैं कि डीजल की दर में इजाफा होने से ढुलाई में भी अधिक लागत आ रही है। इसलिए कीमत बढ़ाना मजबूरी है। सभी श्रेणी की ईंट के मूल्य में बढ़ोत्तरी की गई है।
ईंट पहले कीमत अब कीमत प्रति हजार ईंट
अव्वल 6500 8500
दोयम 6000 7500
तृतीय श्रेणी 4500 6000