नए साल में जिला अस्पताल में शुरू होगी ओटी में सर्जरी
सिद्धार्थनगर। कई महीने से सर्जरी का इंतजार कर रहे मरीजों को नए साल में राहत मिल सकती है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में दो माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर बनकर तैयार है। उपकरण सेट होते ही दोनों ओटी में सर्जरी शुरू हो जाएगी। सरकारी अस्पतालों में बस्ती मंडल की यह पहली माड्यूलर ओटी है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में ओटी का उद्घाटन कराने की तैयारी है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय में सीएसआर प्रोजेक्ट के अंतर्गत 97 लाख रुपये के बजट से माड्यूलर ओटी बनाया गया। 49 लाख रुपये से ओटी का निर्माण हुआ है, जबकि अन्य बजट से उपकरणों की खरीद हो चुकी है। ये उपकरण सीएमओ कार्यालय के स्टोर में रखे हुए हैं। जल्द ही उपकरण सेट किए जाएंगे।
जिला चिकित्सालय की ओटी कांपलेक्स की तीन ओटी में अब तीनों ओटी में सर्जरी हो शुरू हो जाएगी। इकलौते ओेटी में प्रतिदिन 5-8 सर्जरी ही हो पा रही है, जबकि तीनों ओटी शुरू होने पर 20 से 25 लोगों की सर्जरी हो सकेगी। ओटी कांपलेक्स में जनरल सर्जरी, आर्थों, ईएनटी व डेंटल की सर्जरी होती है।
सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि ओटी तैयार हो गई है, जल्द ही उपकरण सेट हो जाएंगे। हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. अनुप कुमार यादव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में यह बस्ती मंडल की पहला माड्यूलर ओटी है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के जेई लाल चंद पटेल ने बताया कि ओटी का निर्माण पूर्ण हो गया है, हैंडओवर करने की कागजी प्रक्रिया ही शेष है।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में दोनों माड्यूलर ओटी को बना दिया गया है। हर स्थिति में नए वर्ष में ओटी में सर्जरी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिन में ओटी में उपकरण सेट किए जाएंगे। मरीजों के हित में कोई लापरवाही नहीं होगी।
डिजिटल होंगी सुविधाएं
जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. डीसी चौधरी ने बताया कि जटिल सर्जरी करने में माड्यूलर ओटी की जरूरत पड़ती है। इसमें एंटी बैक्टिरियल एंटी फंगल कोटिंग है। फायर एवं करंट सेफ्टी की व्यवस्था है। डिजीटल वॉच एवं डिजिटल अलार्म है। लाइट अच्छी होती है। सिस्टम ऑटोमैटिक होने से सर्जरी में सुविधा होगी। ओटी अच्छी बनी है।
क्या है सीएसआर प्रोजेक्ट
सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिल्टी) प्रोजेक्ट के अंतर्गत निजी कंपनियां सामाजिक दायित्व के अंतर्गत कार्य करती है। इसमें 1000 करोड़ रुपये सालाना या वार्षिक आय पांच करोड़ रुपये होने पर समाज हित कार्य करना अनिवार्य है। जिलाधिकारी दीपक मीणा के प्रयास से सीएसआर प्रोजेक्ट के अंतर्गत दोनों माड्यूलर ओटी को बनाया गया है।