सिद्धार्थनगर। पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ गोरखपुर और इटवा पुलिस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को इटवा कस्बे के पास से आरोपी को पकड़ा। वह बिहार के रोहतास (सासाराम) जनपद का निवासी है। पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस में आरक्षी पद पर 17 और 18 फरवरी को हुई लिखित परीक्षा में इटवा, बांसी, सदर और मोहाना थाना के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देते हुए साल्वर पकड़े गए थे। इटवा थाने में दर्ज मुकदमें के मामले की छानबीन में जुटी इटवा पुलिस और एसओजी के हाथ पेपर लीक करने वाला गिरोह लग गया। साॅल्वरों के जरिए पुलिस लीक करने वालों को दबोचना शुरू किया। सीओ इटवा गर्वित सिंह ने बताया कि टीम मामले की छानबीन में लगी है।
बृहस्पतिवार को एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह और प्रभारी निरीक्षक इटवा संतोष तिवारी लीक करने वाले गिरोह के संबंध में वार्ता कर रहे थे। इसी बीच जानकारी मिली कि गिरोह से जुड़ा एक सदस्य जिले में आया है। उसके बारे में और जानकारी ली गई तो पता चला कि इटवा कस्बे के पास है। सूचना को संज्ञान में लेते हुए टीम बताए हुए स्थान पर पहुंची। पुलिस की गाड़ी को देखकर वहां खड़ा एक युवक डरकर भागने लगा। जवानों ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान राजन कुमार निवासी सनात बिगा थाना डालमियानगर जनपद रोहतास राज्य बिहार बताया कि पूछताछ में उसने पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने में शामिल होना बताया है। पूछताछ करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में आरोपी से पुलिस को मिले कई सुराग
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई जानकारी दी है। इसके जरिए पुलिस कई और लोगों तक पहुंच सकती है। आरोपी से रुपये के लेनदेन के बारे में भी कई साक्ष्य मिले हैं। इसके पहले पुलिस पेपर लीक करने के मामले से जुड़े 10 आरोपियों को दबोच चुकी है। नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए लगातार पुलिस टीम मामले की छानबीन कर रही है।