बूढ़ी राप्ती नदी के कटान स्थल पर कार्य करते मजदूर।
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बारिश से कटान स्थल पर बढ़ी दिक्कत
परसा(सिद्धार्थनगर)। बढ़नी ब्लॉक के खैरी उर्फ झुंगहवां से झुलनीपुर तक जाने वाले पीडब्ल्यूडी मार्ग के बूढ़ी राप्ती नदी की लहरों से हुई कटान से बंद आवागमन सोमवार को आंशिक रूप से शुरू हो गया था, लेकिन पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से नई मिट्टी पटाई के कारण पूरे मार्ग पर आवागमन में दिक्कत हो रही है।
ड्रेनेज खंड की ओर से कटान स्थल पर लगाए गए 15 से अधिक मजदूरों की सहायता से कटान रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने ईंट की जगह केवल मिट्टी भरी बोरियों को कटान रोकने के लिए नदी में डालने का विरोध किया है। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी उर्फ झुंगहवां से झुलनीपुर तक जाने वाले पीडब्ल्यूडी मार्ग को बूढ़ी राप्ती नदी ने पूरी तरह से काट कर नदी में गिरा दिया गया है। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि चौधरी निसार अहमद, पूर्व बीडीसी कृष्णा, रामवृक्ष, गोविंद ,रामलखन, फक्की, सूरज कुमार, प्रभुनाथ ने आदि ने आरोप लगाया कि कटान स्थल के बाहर केवल दिखावे के लिए बोरियों में ईंट के टुकड़ों को भरकर रखा गया है। जबकि नदी में केवल मिट्टी बोरियों में भरकर डाला जा रहा है।
पानी कम होने से थमी कटान
बिजौरा। शोहरतगढ़ सिंगारजोत मार्ग स्थित राप्ती पुल के एप्रोच में पानी कम होने से कटान नहीं हो रही है लेकिन बारिश होने के कारण दो दिन से बचाव कार्य भी बंद है। इस स्थान पर कटान के कारण बलरामपुर सिद्धार्थनगर मार्ग को जोड़ने वाले मार्ग के पुल पर चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। क्षेत्र के लोगों के साथ दूसरे जिलों से आने जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।