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हल्लौर में दास्तान-ए-कर्बला सुन रो पड़े अकीदतमंद

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हल्लौर में मोहर्रम के अशरे की मजलिस को संबोधित करते जमाल हैदर। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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हल्लौर में दास्तान-ए-कर्बला सुन रो पड़े अकीदतमंद
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डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर गांव में मंगलवार शाम मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही मरसिया मजलिस और नौहा मातम शुरू हो गया। यह निरंतर 10 दिनों तक यानी आशूरा 20 अगस्त तक चलेगा। तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बा स्थित इमामबाड़ा वफफ शाह आलमगीर शानी में मंगलवार की रात मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद मरसिया मजलिस हुई।
इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल में आयोजित मरसिया मजलिस को हैदरे कर्रार तथा मजलिस को अजीम हैदर रिजवी ने संबोधित कर इमाम हुसैन के मदीना से कर्बला के लिए रवानगी का मंजर बयां किया। उसके बाद दरगाह हजरत अब्बास, शकील हैदर के आवास, फहीम हैदर तथा नियाज हैदर के आवास पर मजलिस आयोजित की गई।
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आगाज-ए-मोहर्रम पर हुसैनिया फहम में अंजुमन अकबरिया मातम की ओर से मरसिया मजलिस आयोजित कार्यक्रम में नौहा मातम किया गया। इसमें अकीदतमंदों ने कोरोना प्रोटोकॉल के पालन के साथ शिरकत की।
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हल्लौर में बुधवार की सुबह मजलिस हुई, जिसमें ग्राम प्रधान ताक़ीब रिज्वी और अन्य अकीदतमंदों ने शिरकत की। कार्यक्रम में जाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर ने खिताब किया। उसके बाद मरहूम डॉ. नजीर हसन, मरहूम झुनन बाबा, मरहूम सफीर हसन गार्ड के इमाम बरगाह में मजलिस हुई। इसी तरह क्षेत्र के भटगवा, हटवा खुर्द, जमोतिया, पिपरा, रामभारी, नऊंवागांव, अंदुआ, तिलगडिय़ा आदि स्थानों पर भी मंगलवार की रात से मरसिया मजलिस का सिलसिला शुरू हो गया।
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