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लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ होगी कार्रवाई

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लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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- सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं जिला अस्पताल के सीएमएस को भेजा पत्र
- ऑपरेशन थियेटर के टेबल से महिला को रेफर करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर के टेबल से प्रसव पीड़ित महिला को रेफर करने के मामले में लापरवाही करने वाले बेहोशी के डॉक्टरों के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। सीएमओ डॉ. एके चौधरी ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव एवं जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीना वर्मा को जांच के लिए पत्र भी भेजा है।
जिला स्तरीय विकास एवं समन्वय समिति की बैठक में बुधवार को विधायक विनय वर्मा ने अमर उजाला में आठ जून को प्रकाशित खबर ‘नहीं थे बेहोशी के डॉक्टर, ऑपरेशन टेबल से गर्भवती को करना पड़ा रेफर’ के संबंध में सवाल पूछे थे। इस मामले में मामले में मेडिकल कॉलेज के बेहोशी के एक डॉक्टर एवं जिला अस्पताल के चार डॉक्टरों से बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीएमओ ने जांच की प्रतिलिपि अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बस्ती को भी भेजा है, जबकि इस मामले से शासन को भी अवगत करने की बात की गई है।
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सर्जन और बेहोशी के डॉक्टरों की ड्यूटी तिथि निर्धारित नहीं
मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के सर्जन व बेहोशी के डॉक्टरों का ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी की तिथि निर्धारित नहीं है। इस कारण कुछ डॉक्टरों ने सर्जरी में बड़ी भूमिका निभाई है, जबकि कुछ के नाम के आगे सर्जरी की संख्या बहुत कम है। जब मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल संबद्ध हुआ है उसके बाद अस्पताल की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। ओटी डे तय होता तो जिला अस्पताल में बेहोशी के पांच डॉक्टरों के बावजूद जच्चा-बच्चा की जान खतरे में नहीं पड़ती। डॉक्टरों के अनुसार जब मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल के डॉक्टरों का संयुक्त ड्यूटी रोस्टर बनेगा, तब अस्पताल की व्यवस्था पटरी पर आएगी।
ये हैं जिम्मेदार
संयुक्त जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने बाद जिला अस्पताल के डॉक्टरों का वेतन भी चिकित्सा शिक्षा विभाग से आहरित होता है। इस कारण मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव के अधीन हैं, जबकि सीएमएस डॉ. नीना वर्मा जिला अस्पताल की प्रमुख हैं, कुछ मामले में वित्तीय अधिकारी इनके पास भी है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं जिला अस्पताल के सीएमएस को जांच के लिए पत्र भेजा गया है। जांच एवं कार्रवाई की रिपोर्ट से शासन को भी अवगत कराया जाएगा। ओटी टेबल से गर्भवती को रेफर करना गंभीर विषय है।
- डॉ. एके चौधरी, सीएमओ
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