बेटों ने की पिता की हत्या, मां ने दर्ज कराया मुकदमा
- हत्या करके शव को गांव से पांच किलोमीटर दूर छिपा दिए थे दोनों भाई
- जमीन बेचकर रकम बहन को देने पर उठाया कदम
- सदर पुलिस ने बांसी तिराहा के पास से पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लापता पिता की हत्या उसके दोनों बेटों ने ही की थी। पुलिस ने मां की तहरीर पर दोनों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धारा में केस दर्ज किया है। बृहस्पतिवार को सदर पुलिस ने शहर के बांसी तिराहा से दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सदर थाना में बृहस्पतिवार शाम आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के टोला मधुबेनवा निवासी परशुराम (60) छह जून को संदिग्ध हाल में लापता हो गए। इसकी शिकायत परशुराम के बेटे सोनू ने थाने में की। गुमशुदगी का केस दर्ज करके पुलिस छानबीन में जुट गई। टीम को जानकारी मिली कि भूमि बेचकर रकम बेटी को देने के विरोध में चार और पांच मई को दोनों बेटे राजाराम और सोनू से पिता का विवाद हुआ था। दोनों ने मारपीट भी की थी। इसके बाद टीम को संदेह हुआ। बुधवार शाम को सूचना मिली की क्षेत्र के धौरीकुईंया गांव के पास जमुआर नाले के पास शव मिट्टी में दबाया गया है। मौके पर पहुंच गए और शव को बाहर निकाला गया। उधर मृतक की पत्नी सुरसती देवी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके दोनों बेटों ने ही पति की हत्या की है। हत्या, शव छुपाने सहित अन्य धारा में बुधवार रात में केस दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए टीम लग गई। बृहस्पतिवार को बांसी तिराहा से दोनों भाईयों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि दोनों जमीन बेचने से नाराज थे। इसलिए वारदात को अंजाम दिया। दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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हत्या करके शव छुपाया, खुद पहुंचकर दर्ज कराया केस
बाइक से पिता को लेकर गए और हत्या करके शव को छुपा दिया। पुलिस को शक न हो, इसे ध्यान देते हुए छोटे लड़के सोनू ने खुद थाने पहुंचकर पिता की गुमशुदगी का केस दर्ज कराया। केस दर्ज कराने के पीछे उद्देश्य था कि पुलिस और परिवार को लोगों को शक नहीं होगा कि वे हत्या किए हैं।