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बाढ़ से घिरे 101 गांव, घरों में पानी आने से सुरक्षित स्थानों पर जा रहे लोग

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। प्रशासन ने जिले के सभी तहसीलों के 101 गांवों के बाढ़ से घिरे होने की रिपोर्ट शासन को भेजी है। कई गांवों में घर में पानी घुसने से लोग दूसरे स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हैं। राप्ती और बूढ़ी राप्ती लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं डीएम दीपक मीणा ने कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर सुरक्षा एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।
चार दिन से लाल निशान के ऊपर बह रही राप्ती नदी ने डुमरियागंज और बांसी तहसीलों में कहर मचा दिया है। कई गांवों के बाढ़ के पानी से चारो तरफ से घिर जाने के कारण स्थिति भयावह हो गई है। प्रशासन ने नौगढ़ तहसील के 20 गांव, शोहरतगढ़ के पांच, बांसी के तीन, इटवा के छह और सर्वाधिक डुमरियागंज के 67 गांवों को बाढ़ प्रभावित होने की रिपोर्ट शासन को भेजी है। बांसी प्रतिनिधि के अनुसार राप्ती नदी में आए ऊफान से कई सड़कों के ऊपर पानी बह रहा है। क्षेत्र के गोठवा घाट, मझवन कला, हडहा, मेचुका, गदुरहिया, मऊ, सिहोरिया, मझारी, कोल्हूई, डड़वा घाट आदि गांवों के हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गयी है और गांव पानी से घिर गए हैं। जिगनिहवा डड़वा घाट मार्ग पर पानी आ जाने से कई गांव का संपर्क टूट गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से प्राथमिक विद्यालय मझवन कलां पानी से घिर गया है और सड़क पर दो फीट से ऊपर पानी बह रहा है। खजुरिया में स्थित गोशाला टापू में बदल गया है। ग्रामीण दिलीप तिवारी, रमेश, संजय, असलम का कहना है कि गांव पानी से घिर जाने से फसल तो बर्बाद हो गयी है उनका गांव से निकलना मुश्किल हो गया है।
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डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बहेरिया के भलुआही टोला बाढ़ से घिर गया है और बिथरिया, धनुवाडीह, परसपुर आदि गांव में धान की फसल बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो चुकी है। बहेरिया के दिलीप पांडेय उर्फ छोटे ने हल्का लेखपाल सहित एसडीएम त्रिभुवन कुमार को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए मदद किये जाने की मांग की। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार इटवा, तहसील के आजादनगर डिहवा गांव चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है और लोगों के घर पानी घुस गया है। जिससे परेशान ग्रामीण सलीम, मकबूल, रिजवान, बाबूलाल यादव, शौकीन आदि घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। वह ऊंचे स्थान पर शरण लिए हुए है। डीएम ने बाढ़ प्रभावित जोगिया क्षेत्र के कई गांवों का दौरान सुरक्षा एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेजने के साथ ही बाढ़ग्रस्त गांवों में बचाव एवं सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे है। संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
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नदी- खतरे का स्तर-शुक्रवार- शनिवार
बानगंगा 93.420 - 91.20- 93.00
जमुआर 84.89 - 84.00- 83.85
राप्ती 84.900 - 85.170- 85.250
बूढ़ी राप्ती 85.650-86.610- 86.360
कूड़ा 83.520 - 83.510- 83.360
तेलार 87.20- 85.90- 85.50
घोघी 87.000- 85.90- 85.00
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कछार क्षेत्र के कई गांव हैं बाढ़ प्रभावित
बूढ़ी राप्ती नदी के लगातार आठ दिन से खतरे के लाल निशान से ऊपर बहने के साथ जोगिया के कछार क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से घिरे हुए है। पूर्व विधायक विजय पासवान ने कहा है कि उसका और जोगिया क्षेत्र के अहड़ी, कड़जहवा, अजगरा, बगहिया आदि गांव पानी घिरे हुए है और यहां के किसानों की फसल नष्ट हो चुकी है। उन्होंने डीएम को पत्र देकर नुकसान की जांच कराकर मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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