गेम खेलने में विवाद, वृद्ध की मौत, किशोर जख्मी
- डुमरियागंज थाना क्षेत्र के तरैना गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
भारतभारी (सिद्धार्थनगर)। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के तरैना गांव में मंगलवार शाम को मोबाइल फोन में गेम खेलने के दौरान दो किशोरों में विवाद हो गया। आरोप है कि बाद में एक पक्ष के लोगों ने किशोर और उसके बुजुर्ग दादा की पिटाई कर दी। जिससे बुुजुर्ग की मौत हो गई। किशोर की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने चार लोगों पर गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धारा में केस दर्ज किया है।
क्षेत्र के तरैना गांव के सलमान (17) के मुताबिक मंगलवार को मोबाइल फोन में गेम खेल रहा था। गेम खेलने के मामले में ही गांव के ताकिब से विवाद हो गया। ग्रामीणों ने समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया। आरोप है कि सलमान के दादा मोहम्मद इदरीश (102) को देर शाम अपने घर से मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे थे, इस दौरान ताकिब के घरवालों ने उन पर हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। शोर सुनकर सलमान अपने दादा को बचाने के लिए दौड़ा तो हमलावरों ने उसकी भी पिटाई कर दी। आसपास के लोगों ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा ले गए। इदरीश को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि, हालत गंभीर देख सलमान को बस्ती जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सलमान ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष डुमरियागंज वकील पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर चार लोगों पर गैर इरादतन हत्या सहित अन्य मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
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मोबाइल गेम से बदल रहा है बच्चों का विचार
सिद्धार्थनगर। मोबाइल उपयोगी होने के साथ ही कई प्रकार के अपराध का केंद्र भी बन चुका है। आज मोबाइल फोन के जरिए कई प्रकार के अपराध हो रहे हैं। इंटरनेट के इस युग में स्मार्टफोन में कई आपत्तिजनक सामग्री भी उपलब्ध है। इसके अलावा कई खतरनाक गेम हैं, जिससे प्रेरित होकर बच्चों को विचार बदल रहा है। वह घातक कदम भी उठा ले रहे हैं। यह कहना है महिला पीजी कॉलेज बस्ती के समाजशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. रघुवर प्रसाद पांडेय का।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट और शेयर भी अपराध की श्रेणी हैं। लोग फेसबुक के जरिए फंसाकर शोषण कर रहे हैं। इसमें बच्चे सर्वाधिक फंस जाते हैं, उनकी जिदंगी बर्बाद हो जाती है। इसलिए अगर अभिभावक बच्चों को मोबाइल देते हैं तो सावधान रहें। समय-समय पर उनका फोन जांच कर लिया करें कि कहीं वे उसका गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं। यह ऑनलाइन क्लॉस के लिए उपयोगी है, लेकिन बच्चे दुरुपयोग करते हैं। ऐसे में अभिभावक को जागरुक होने की जरूरत है।
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