समितियों पर खाद न मिलने से निराश लौटे किसान
बर्डपुर। फसल की सिंचाई के बाद खेत में यूरिया का छिड़काव करने के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत बनी हुई है। परेशान किसान परेशान निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत लेने का आरोप लगा रहे हैं।
बारिश के बाद किसान खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में यूरिया के छिड़काव करने के लिए परेशान हैं। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत होने से बर्डपुर, गौरा, समेत अन्य निजी उर्वरक दुकानों पर यूरिया के लिए किसानों की भीड़ उमड़ रही है। लक्ष्मीनगर निवासी किसान मोहम्मद ईसा का कहना है कि गेहूं के फसल की सिंचाई करने के बाद यूरिया के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सुबह से ही लाइन लगाए हैं, दोपहर हो गई, खाद नहीं मिली।
जुगाड़ वालों को खाद मिल जा रही है। शिवकोट निवासी किसान अकबाल का कहना है कि यूरिया पैसा देने पर भी नहीं मिल पा रही है। सुबह पांच बजे से लाइन लगाए हैं, लेकिन खाद नहीं मिली। किसानों का आरोप है कि समितियों पर खाद नहीं मिलने से उन्हें निजी दुकानों पर ज्यादा कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
वहीं निजी दुकानदार कहते हैं कि थोक विक्रेता ही उन्हें महंगे दामों पर खाद दे रहे हैं तो उन्हें भी ज्यादा दर पर बिक्री करनी पड़ रही है। एडीओ सहकारिता अंबरीष यादव का कहना है कि बुधवार को 330 बोरी यूरिया आई थी, लेकिन अधिक भीड़ होने के कारण कुछ लोगों को खाद नहीं मिल पाई। शुक्रवार को यूरिया खाद आ रही है। सभी किसानों को खाद मिलेगी।