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दिन-रात रिमझिम बारिश से और सर्द हुआ मौसम

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आलू की फसल। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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दिन-रात रिमझिम बारिश से और सर्द हुआ मौसम
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घरों में सिमटे रहे लोग, अलाव और रूम हीटर के सहारे भगाई सर्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में 24 घंटे तक रुक-रुक हुई बारिश के कारण मौसम और सर्द हो गया है। बुधवार को सुबह बारिश शुरू हुई और देर शाम तक रिमझिम बारिश होती रही। इस कारण लोग घरों में सिमटे रहे। चौक-चौराहों और सरकारी विभागों में बहुत कम लोग पहुंचे। निजी स्कूलों में रेनी डे घोषित हो गया है जबकि परिषदीय, माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बहुत कम छात्र-छात्राएं पहुंचे। बारिश के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी में भी कम मरीज पहुंचे। सर्दी बढ़ने के कारण लोगों की दिनचर्या में बदलाव आ गया।
कृषि मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार बुधवार सुबह 8:30 बजे तक 19 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जबकि उसके बाद भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। सुबह से देर रात तक बादल छाए रहे। जिन लोगों को ज्यादा आवश्यक कार्य करना था, वे रेनकोट या छतरी के सहारे बचते हुए घर से बाहर निकले। लोगों ने घर और कार्यालय में रूम हीटर व अलाव के सहारे सर्दी से बचने की कोशिश की। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि निवर्तमान पश्चिमी विक्षोभ के कारण तराई क्षेत्र में 30 दिसंबर की सुबह तक बारिश होने का पूर्वानुमान है। उसके बाद के 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इससे सर्दी में और वृद्धि होगी। हालांकि, शुक्रवार से आसमान रहने का पूर्वानुमान है। इस कारण दिन में तापमान में कुछ वृद्धि होगी। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो रहा है। इस कारण बारिश बंद होने वाली है।
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कहीं नुकसान तो कहीं फायदा
कृषि विज्ञान केंद्र सोहाना के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. ओपी वर्मा ने बताया कि इस बारिश के कारण गेहूं की फसल को फायदा होगा। जिन किसानों ने सिंचाई की है, उन खेतों में यदि जलभराव होगा तो नुकसान की आशंका है। दलहन और तिलहन फसलों को फायदा होगा। इस बारिश में सरसों में लगे माहू कीट धुल गए हैं। इसके बाद और बारिश हुई तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
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दर्द दबाए बैठे रहे लोग
संयुक्त जिला चिकित्सालय में बुधवार को बारिश के दौरान कम मरीज ही अस्पताल पहुंचे, क्योंकि गंभीर रूप से बीमार लोग ही अस्पताल में इलाज कराने गए। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि बुधवार को ओपीडी में 286 मरीजों को परामर्श दिया गया, जबकि एक दिन पहले मरीजों की संख्या 900 से अधिक थी। भर्ती मरीजों की संख्या भी मात्र 53 रही, जबकि सामान्य दिनों में 80 से 90 मरीज भर्ती किए जाते हैं। संयुक्त जिला अस्पताल में अलाव के सहारे में मरीजों ने सर्दी से बचाव किया, जबकि सार्वजनिक स्थल रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन पर भी अलाव की आंच से सर्दी का असर कम हुआ।
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