फसल कट गई, नहीं चयन हो सका क्रय केंद्र का स्थान
लोटन। धान की फसल कट गई है, लेकिन क्षेत्र के क्रय केंद्र के स्थान का चयन नहीं हो पाया है। किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण करा लिया है। अब फसल कट गई तो उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए धान को बिचौलियों के हाथ बेचने की मजबूरी है।
धान क्रय केंद्र न खुलने से क्षेत्र के किसान परेशान हैं। किसान अपना धान आढ़तियों के हाथों कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर हैं। अक्तूबर बीतने वाला है, लेकिन क्रय केंद्र शुरू नहीं हो सके। किसानों का धान 1300 से लेकर 1400 प्रति क्विंटल की दर पर आढ़ती खरीद रहे हैं। किसान दलहनी, तिलहनी फसलों की बुवाई डीजल तथा घरेलू खर्चों के लिए मजबूर होकर लोटन क्षेत्र के आढ़तियों के हाथों अपना धान बेच रहे हैं। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1930 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
रबी की फसल के लिए चाहिए रकम
क्षेत्र के नेमशंकर सिंह, प्रमोद चौरसिया, रामबरन, रामदेव गुप्ता, भोला वर्मा, शिवकुमार, तेज सिंह बताया कि वे काफी दिनों से सरकारी धान क्रय केंद्र खुलने का इंतजार करने के बाद मजबूर होकर धान बेच रहे हैं। अगर रबी की फसल की तैयारी में देर हुई तो जमीन सूखने बाद बुवाई से पहले सिंचाई करने में ज्यादा खर्च आएगा। इस संबंध में एआर सहकारिता वकील वर्मा का कहना है कि धान क्रय केंद्र खोलने के लिए सूची जिला प्रशासन को भेजी गई है। शुक्रवार तक केंद्र का चयन होने की संभावना है। उसके बाद धान की खरीद शुरू होगी।