निष्ठा व ईमानदारी से कर्तव्यपालन करें, पीड़ितों को मिले सुगम व त्वरित न्याय
सिद्धार्थनगर। जिले में कार्यरत सभी अधिकारी पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। यदि वे ऐसा करते हैं तो निश्चित ही पीड़ितों को सुगम सस्ता व त्वरित न्याय मिलेगा। ये बातें उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति ओम प्रकाश सप्तम ने जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ के दौरान कहीं।
जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति ओम प्रकाश सप्तम ने जनपद न्यायालय परिसर में 16 न्यायालय कक्षीय भवन व चार परिवार न्यायालय कक्षीय भवन का शिलान्यास व भूमि पूजन किया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर व सरस्वती की प्रतिमा का माल्यापर्ण किया।
जनपद न्यायाधीश प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि अदालतों पर मुकदमों का अधिभार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह अपने छोटे-छोटे मामलों व झगड़ों को आपसी सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारित कराएं ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से न्यायालय का चक्कर न लगाना पड़े। इससे उनके समय व पैसे की बर्बादी नहीं होगी। इस दौरान सुशील कुमार शशि पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावा अधिकरण, अंगद प्रसाद प्रथम प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, शकील उर रहमान अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव चंद्रमणि, सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजनी कुमार दुबे, महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल, जिला बार एसोसिएशन एवं वरिष्ठ अधिवक्तागण के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह, शेषमणि प्रजापति उपस्थित रहे। इसके बाद न्यायमूर्ति ओम प्रकाश सप्तम ने बाह्य न्यायालय बांसी के परिसर में न्यायिक अधिकारियों के लिए एक टाइप-5 आवास का शिलान्यास व भूमि पूजन भी किया गया।