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थोड़ी जमीन के लिए चली गई बीडीसी की जान

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चार इंच जमीन के लिए गई बीडीसी की जान
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गोरखपुर एक निजी अस्पताल में हुई मौत
जमीन के लिए सोमवार को दो पक्ष में हुई थी मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
परसा। ढेबरुआ थानाक्षेत्र के कठेला गर्वी गांव के टोला जालीडीह में जमीन के विवाद में सोमवार को हुए मारपीट में घायल एक व्यक्ति की गोरखपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरे की स्थिति गंभीर है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र के कठेला गर्वी गांव के जालीडीह में सोमवार को जमीन के विवाद में मारपीट हो गई थी। मारपीट में एक पक्ष के अब्दुल सलाम उर्फ बाकर (45) और इनातुल्लाह उर्फ गम्मज की गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया था। मगर परिजनों ने उन्हें गोरखपुर में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां मंगलवार को लगभग सुबह दस बजे अब्दुल सलाम की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। ढेबरुआ एसएचओ दिनेश चंद्र चौधरी के नेतृत्व में पुलिस गांव में गई थी। मारपीट के दौरान हुई मौत के चार आरोपियों मेहंदी, सलीम, कमरुल्लाह और बाबू रजा उर्फ गज्जू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में एसएचओ ढेबरुआ दिनेश चंद्र चौधरी ने कहा कि मामले के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य गंभीर रूप से घायल की गोरखपुर में इलाज चल रहा है।
मौत के बाद गांव में मातम
परसा। अब्दुल सलाम उर्फ बाकर (45) की मौत की खबर मिलने के बाद गांव में मातम छाया हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद हर कोई घर पहुंच रहा है। बाकर बीते पंचायत चुनाव में बीडीसी के रूप में निर्वाचित हुए थे। सरल स्वभाव के बाकर कठेला चौराहे के पास लकड़ी की दुकान चलाते थे। सूत्रों के मुताबिक जालीडीह निवासी अब्दुल सलाम उर्फ बाकर और पड़ोसी मेहंदी हसन में मात्र चार इंच भूमि को लेकर विवाद था। सोमवार को विवाद में दोनों पक्षों में लाठी डंडे का जमकर प्रयोग हुआ। जिसमें दोनों पक्षों के तीन महिलाओं सहित सात लोग घायल हो गए। जिसमें दो गंभीर रूप से दो घायलों का इलाज के लिए गोरखपुर में निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
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कोतवाल ने ली थी इलाज की जिम्मेदारी
मारपीट में गंभीर रूप से घायल अब्दुल सलाम और इनातुल्लाह को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में परिजन ले गए थे। जहां से चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया। मगर परिजनों ने गोरखपुर में ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाने का प्रयास किया। रुपये नहीं होने के कारण इलाज शुरू नहीं हुआ। जब इसकी जानकारी एसएचओ ढेबरुआ को हुई तो उन्होंने अस्पताल प्रशासन से बात कर एक लाख रुपये अपनी जिम्मेदारी पर लेकर इलाज शुरू करवाया। उनके आश्वासन पर दोनों का इलाज शुरू हुआ। मगर कुछ ही देर में अब्दुल सलाम की मौत हो गई।
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