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राप्ती में उफान से बांसी और डुमरियागंज में मची त्राहि-त्राहि

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भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के पेंड़री मुस्तहकम में बाढ़ के पानी में सिर पर राहत सामग्री ले जाते वृद्ध? - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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राप्ती में उफान से बांसी और डुमरियागंज में मची त्राहि-त्राहि
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सिद्धार्थनगर। पांच दिन बढ़ने के बाद स्थिर रही राप्ती नदी ने फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिससे बांसी और डुमरियागंज में त्राहि-त्राहि मच गई है। बांसी कस्बा के कई मोहल्लों, तहसील भवन, कोर्ट, स्कूल में पानी घुस गया और लोग घर में कैद हो गए हैं। वहीं डुमरियागंज के बगहवां गांव में बाढ़ का पानी घुसने से एक मकान गिर गया।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, बगहवां गांव के बाहर सिवान में बने पोल्ट्री फार्म में रात में अचानक पानी भर जाने से तीन सौ देसी मुर्गे मर गए। बाढ़ के पानी के घर में घुसने से चलते गांव के ही मोहम्मद अली का घर ढह गया। इस घटना में लोग बाल-बाल बच गए। घर मेें रखा दैनिक उपयोग का सामान भी दबकर बरबाद हो गया। गांव के मोहम्मद शफीक, जुम्मन, राजू, किस्मत अली, महबूब, दीपू, फैयाज, रंगराजन, हरीराम, फैयाज अली, मनिया , शौकत अली, विशाल विश्वकर्मा, हरि श्याम, मोबीन, नसीम, अलीम, सादिक, गरीब उल्लाह, इदरीश, वाजिद, संजू, फूलचंद, जगलाल, शाहजहां, कलाम आदि ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव के चारों तरफ भर गया है। लोगों को चौकी अथवा चारपाई के ऊपर बैठकर दिन रात गुजारनी पड़ रही हैै। कई लोगों के घर पूरी तरह से जलमग्न होने से प्राथमिक विद्यालय में शरण लेनी पड़ी है। ग्राम प्रधान अब्दुल सलाम चौधरी ने बताया कि जिनके घरों में पानी भर गया है, वे बेहद गरीब हैं। एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि हल्का लेखपाल को गांव की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया जाएगा। बाढ़ पीड़तों की हर संभव मदद की जाएगी।
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बांसी प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बा के प्रताप नगर वार्ड का दक्षिणी हिस्सा पूरी तरह जलमग्न हो गया है। श्रीवास्तव कॉलोनी में मेन सड़क से दक्षिण की तरफ के लोग अपने-अपने घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। लोगों के घर में पानी घुस रहा है। वार्ड में स्थित तिलक इंटर कॉलेज सरदार पटेल इंटर कॉलेज न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज आदि में जलभराव होने से पठन-पाठन ठप हो गया है। इसी तरह पटेल नगर, इंदिरा नगर, श्याम नगर, राजेंद्रनगर व अकबरनगर वार्ड में जलभराव हो जाने के कारण लोग परेशान हैं। हालत यह है कि मुंसिफ न्यायालय जलमग्न है। तीनों कार्यालय और न्यायालय कक्ष में भी पानी भरा हुआ है। एडीजे कोर्ट के परिसर में भी जलभराव हो गया है, जिससे वकीलों व अधिकारियों, कर्मचारियों सभी को घुटने तक पानी में घुस कर आना-जाना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं के बैठने के स्थान पर, बगल में स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। तहसील कार्यालय परिसर में इतना जलभराव हो गया है कि परिसर के अंदर और कार्यालयों के अंदर पानी बह रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सैकड़ों फाइल बर्बाद हो गई हैं। यहां तक कि एसडीएम कोर्ट चेंबर तहसीलदार कार्यालय के अंदर भी पानी घुस गया है। नई कचहरी में स्थित अधिवक्ता भवन पानी भर जाने से अधिवक्ताओं को बैठने में दिक्कत हो रही है।
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परसा प्रतिनिधि के अनुसार, शोहरतगढ़ क्षेत्र के खैरी शीतल, नकोलडीह गांव पानी से चारो तरफ से घिर गया है। उसका प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ से घिरे कई गांव के लोगों का आवागमन बाधित है।
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