गोशाला में भेजे जाएंगे सड़क पर घूमने वाले पशु
ठंड और किसानों की समस्या को देखते हुए शासन ने दिए निर्देश
सिद्धार्थनगर। किसानों और सड़क पर चलने वाले राहगीरों की परेशानी जल्द दूर होने वाली है। क्योंकि सड़क पर घूमने वाले छुट्टा पशु एक सप्ताह के भीतर आस्थायी और स्थायी गोलाशा में भेजे दिए जाएंगे। इससे जहां किसानों को फसल की रखवाली से मुक्ति मिलेगी, वहीं सड़क पर पशुओं के बैठने और चलने से होने वाले हादसे कम होंगे। छुट्टा पशुओं की बढ़ती समस्या को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। ब्लॉक स्तर पर टीम गठित कर गोशाला में भेजने के निर्देश दिए हैं।
सूबे में योगी की सरकार बनने के बाद अवैध रूप से संचालित बूचड़ खानों को बंद कर दिया। बड़ी कार्रवाई भी की गई। इसके बाद गोवंशीय पशुओं को वध बंद हो गया। कुछ माह बाद ही सड़क और खेतों में छुट्टा पशुओं की तादाद बढ़ गई। इससे जहां किसानों की फसल बर्बाद होने लगा, वहीं सड़कों पर पशुओं के जमावड़े से लोग हादसे का शिकार होने लगे। समस्या बढ़ी तो शासन की ओर स्थायी और न्याय पंचायत स्तर पर अस्थायी गोशाला खोले जाने की कवायद शुरू हुई।
गोशाला खुले और पशुओं को गोशाला में भेजा गया, लेकिन समय के साथ व्यवस्था चरमरा गई। मौजूदा समय में सड़कों और खेतों में पशुओं की संख्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए एक बार फिर शासन ने सड़क और खेतों में घूमने वाले पशुओं को गोशाला भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे शासन की मंशा है कि किसान तो सुरक्षित रहें ही साथ ही पशु ठंड से मरने न पाएं। ब्लॉक स्तर पर टीम गठित करके एक सप्ताह के भीतर आसपास बने गोशाला में भेजने का निर्देश दिया है। अगर गोशाला नहीं बना है तो अस्थायी गोशाला बनाकर उसमें रखने के लिए कहा है। शासन से मिले निर्देश के बाद ब्लॉक स्तर पर टीम तैयार हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द छुट्टा पशुओं से निजात मिल जाएगा। इस संबंध में डीएम दीपक मीणा ने बताया कि जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है। कार्य में शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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तीन सदस्यीय टीम का हुआ गठन
नौगढ़ ब्लॉक व नगरपालिका में तीन, इसी प्रकार उसका बाजार, बर्डपुर, लोटन, जोगिया, शोहरतगढ़, बढ़नी, इटवा, खुनियांव, डुमरियागंज, भनवापुर, बांसी, मिठवल, खेसरहा ब्लॉक है। इसमें जहां नगर पालिका और नगर पंचायत हैं, वहां इनकी टीम भी काम करेगी। इसके नोडल अधिकारी संबंधित तहसील के एसडीएम को बनाया गया है।
जिले में 72 गोशाला
आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 72 स्थायी और आस्थायी गोशाला संचालित हो रहा है, जहां पशुओं को चारा दाना की व्यवस्था है। इन गोशाला में सात हजार से अधिक पशु मौजूद समय में हैं।
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