रेल लाइन के लिए मिला 20 करोड़ का बजट
सिद्धार्थनगर। रेलवे के क्षेत्र में बुद्ध भूमि को खलीलाबाद-बइराइच नई रेल परियोजना की सौगात मिल चुकी है। इसके लिए 20 करोड़ का बजट भी स्वीकृत किया गया है। इस धनराशि से भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को मुआवजा के रूप में भुगतान किया जाएगा। इससे जहां विकास को गति मिलेगी, वहीं कई प्रमुख क्षेत्र बड़े महानगरों से सीधे जुड़ सकेगा।
गोरखपुर-गोंडा लूप लाइन को ब्राडगेज में परिवर्तित करने के बाद हाल ही में स्वीकृत खलीलाबाद-बलरामपुर नई रेल परियोजना में सिद्धार्थनगर भी लाभान्वित हुआ है। कुल 240 किमी लंबाई वाली परियोजना में जिले में 58 किमी नई रेल लाइन बनाई जाएगी। इस रेल लाइन पर डुमरियागंज, खेसरहा, बांसी समेत रमवापुर दुबे, भग्गोभार, टिकरिया, धनखरपुर को स्टेशन के रूप में चिह्नित किया गया है।
इनमें रमवापुर दुबे, टिकरिया, धनखरपुर हाल्ट स्टेशन के रूप में होगा। सर्वे का कार्य युद्ध स्तर पर हो रहा है। रेलवे विभाग ने इस नई रेल परियोजना पर प्रारंभिक बजट के रूप में 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण में जाने वाली भूमि का संबंधित किसानों के बीच मुआवजा वितरित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव ने कहा कि खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के लिए टोकन मनी के रूप में 20 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस धनराशि से भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों को मुआवजा के रूप में भुगतान करने की कार्यवाही की जाएगी।
भारतभारी के नाम स्टेशन बनाने की मांग
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल परियोजना में टिकरिया के नाम बनाए जा रहे हाल्ट स्टेशन का नाम भारतभारी करने की मांग की गई है। महाभारत काल से जुड़े भारतभारी में अब नगर पंचायत भी है। यहां के निवासी और अधिवक्ता रमेश कुमार पांडेय ने सांसद के माध्यम से रेलमंत्री को पत्र भेजकर बताया है कि टिकरिया के नाम हाल्ट स्टेशन प्रस्तावित है, जबकि भारतभारी से सटा है। इसे पूर्ण रूप स्टेशन का दर्जा देने के साथ ही भारतभारी के नाम रखा जाना ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।